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पहलवान बेटियां बोलीं : जॉब भी मिल जाए तो बात बन जाए

सीनियर नेशनल कुश्ती चैम्पियनशिप के आंगन में पहलवान बेटियों का जज्बा नई हिलोरें ले रहा है। यहां पहुंची पहलवान बेटियां भारतीय कुश्ती संघ की ग्रेडिंग सिस्टम पर भी फिदा हैं। हालांकि बेटियों का यह भी कहना है कि अब कुश्ती में महिला पहलवानों को भी जाब सिक्योरिटी मिल जाये तो फिर बात बन जाये। ‘हिन्दुस्तान’ से बातचीत में इन पहलवान बेटियों ने खुल कर अपनी भावनाओं का इजहार किया। उन्होंने कहा कि संघ अध्यक्ष ने वास्तव में एक पिता की भूमिका निभाई है। 
महिला पहलवानी को लगे पंख :  देश की स्टार महिला पहलवानों साक्षी मलिक,फोगट बहनों और पूजा ढांढा व गीतिका जाखड़ के उत्कृष्ट प्रदर्शन से महिला पहलवानी जैसे पंख लग गये हो। आज के तारीख में महिला टीम सभी प्रान्तों में गठित हो गई है। नन्दिनी में चल रही सीनियर नेशनल कुश्ती मे पहुंची महिला पहलवानों से बात करने पर इस खेल और उनके अपने लक्ष्य का बुलन्द हौसला सुनने को मिला। साथ ही छत्तीसगढ और झाझारखंड जैसे राज्यों से कुश्ती को कैरियर बनाने वाली महिलाओं ने कहा कि संसाधन और जाब सिक्योरिटी मिले तो निस्संदेह हम दुनिया में किसी से भी पीछे नहीं रहेंगे।
यूपी की राईजिग स्टार है इन्दु चौधरी :
बचपन से कुश्ती को अपना कैरियर बनाने वाली इन्दु चौधरी आज देश में महिला कुश्ती मे उभरता हुआ सितारा है। अन्तर विश्वविद्यालयी राष्ट्रीय कुश्ती में तीन बार और जूनियर और सब जूनियर के एशियन मुकाबले मे मेडल जीत चुकी इन्दु चौधरी ने बताया कि फेडरेशन और सरकार  कुश्ती के लिए बहुत कुछ कर रही है। अब भी कुछ महिला पहलवान सुविधाओं से दूर है। सभी को संसाधन मिले तो निश्चित ही हमारी पहलवान बहनें विश्व पटल पर कामयाबी का परचम लहरा देगी।
मध्य प्रदेश सरकार नही ले रही रूची: रानी राना
मध्य प्रदेश टीम से नेशनल मे प्रतिभाग करने पहुंची है। रानी राना ने कहा की कुश्ती संघ के प्रयास सराहनीय है लेकिन मध्य प्रदेश की सरकार द्वारा पहलवानों को अपेक्षित प्रोत्साहन नही मिल रहा है। बेहतर नतीजों के लिए सभी के सहयोग की जरूरत है। तभी देशभर से अच्छे पहलवानों का समूह तैयार होगा। एशियाड व ओलंपिक में हम और अधिक मेडल लाने मे सफल होगें। 
महिला पहलवानों को मिले बेहतर सुविधा :
गुजरात की टीम की महिला पहलवान पवार खुश्बू से जब देश के महिला कुश्ती पर चर्चा की गई तो उन्होंने कहा कि मैट पर नजर डालिये और देखिये महिला पहलवानों का जज्बा। आज देश की सभी महिला पहलवान अपना श्रेष्ठ प्रदर्शन दिखाने को उत्सुक है। उन्होंने बताया कि बीते एक दशक में महिला कुश्ती ने बहुत तरक्की की है। आगे भी अगर इसी तरह फेडरेशन सहयोग करता रहा तो तरक्की बढ़ती जायेगी।
मध्य प्रदेश से कुश्ती ने पहुंचाया गुजरात :
गुजरात टीम की एक अन्य महिला पहलवान निशा तोमर जो अब तक कुश्ती के आधा दर्जन नेशनल प्रतियोगिता मे भाग ले चुकी है। मूल रूप से मध्यप्रदेश की रहने वाली है पर बेहतर प्रशिक्षण और संसाधन के तलाश मे गुजरात पहुंचकर अभ्यास कर रही है। साक्षी मलिक को अपना आदर्श मानने वली निशा ने बताया की सीमित संसाधनों में कठिन मेहनत से ओलंपिक मे पदक हासिल कर साक्षी दीदी हम सब के लिए प्रेरक है। और बेहतर सुविधा मिले तो सफलता की गारंटी बन जाती है।
छत्तीसगढ़ की शेरनी भी बोली : छत्तीसगढ की शेरनी के खिताब से कई बार नवाजी गई सती बाघमार ने कहा कि कुश्ती में हम जितना मेहनत करते है पर नौकरी की तलाश में हमें भटकना पड़ता है। अच्छे  संसाधनों के साथ जॉब सिक्योरिटी भी मिले तो निश्चित ही देश का नाम पूरी दुनिया में यहां की महिला पहलवान देश का रोशन करेंगी। संसाधनों के कमी का हवाला देते हुए कहा कि बेहद रफ मैट पर हमें अभ्यास करना पड़ रहा है जबकि कुछ राज्य इस मामले में हमसे काफी बेहतर है। हालांकि सभी महिला पहलवानों में यहां नया उत्साह देखने को मिल रहा है।

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  • Web Title:Wrestling daughters said: If we find a job then it will be good