
संतानों की लंबी आयु के लिए महिलाएं आज रखेंगी हलषष्ठी का व्रत
Lucknow News - लखनऊ, संवाददाता। संतान की लंबी आयु और स्वास्थ जीवन की कामना के साथ गुरुवार
लखनऊ, संवाददाता। संतान की लंबी आयु और स्वास्थ जीवन की कामना के साथ गुरुवार को महिलाएं हरछठ (हलषष्ठी) का व्रत रखेंगी। इस दिन महिलाएं खेतों में उगे या हल से जोता गया कोई अनाज या सब्जी नहीं खाती हैं। पूजन और कथा के बाद व्रती महिलाएं केवल तालाब में पैदा हुए तिन्नी के चावल, केर्मुआ का साग, पसही के चावल का सेवन करती हैं। ज्योतिषाचार्य एसएस नागपाल ने बताया कि हरछठ (हलषष्ठी) व्रत भाद्रपद माह के कृष्ण पक्ष की षष्ठी तिथि को मनाया जाता है। यह पर्व भगवान कृष्ण के बड़े भाई श्री बलराम जी के जन्म उत्सव के रूप में मनाया जाता है।

बलराम जी का शस्त्र हल और मूसल है। इस लिए इस दिन हल पूजन का विशेष महत्व है। इसे हल छठ, पिन्नी छठ या खमर छठ भी कहते हैं। माताएं हलषष्ठी का व्रत संतान की लंबी आयु की प्राप्ति के लिए रखती हैं। घर की दीवार पर गेरू से छठ माता का चित्र बनाती हैं। उसके बाद गणेश और माता गौरा की पूजा करती हैं। जमीन लीप कर घर में ही एक छोटा सा तालाब बनाकर, उसमें झरबेरी, पलाश और कांसी के पेड़ लगाती हैं। वहां पर बैठकर पूजा-अर्चना करती हैं और हल षष्ठी की कथा सुनती हैं। इस दिन वह कोई अनाज नहीं खाती हैं। केवल तालाब में पैदा हुई चीजों का इस्तेमाल करती हैं। मान्यता है कि इस व्रत को रखने से भगवान हलधर उनके पुत्रों को लंबी आयु प्रदान करते हैं।

लेखक के बारे में
Hindustanलेटेस्ट Hindi News , बॉलीवुड न्यूज, बिजनेस न्यूज, टेक , ऑटो, करियर , और राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।




