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इठलाती, बलखाती हुई जब निकलीं तो सभी निहारते रह गए

विंटेज कार रैली में एक से एक पुरानी कारों की रैली निकली लखनऊ।

इठलाती, बलखाती हुई जब निकलीं तो सभी निहारते रह गए
हिन्दुस्तान टीम,लखनऊMon, 27 Feb 2023 12:50 AM
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विंटेज कार रैली में एक से एक पुरानी कारों की रैली निकली

लखनऊ। हजरतगंज चौराहे पर रंजन पेट्रोल पम्प से जब 1914 की मॉरिस बुलनोज, 1928 की फोर्ड, 1933 की शेवरले सीटन जैसी गुजिश्ता जमाने की का तीली के पहियों वाली कारें और 70-70 पुरानी बीएस, नॉटन और डेमलर जैसी मोटरसाइकिलें इठलाती और बलखाती हुई लखनऊ की सड़कों पर निकलीं तो लोगों ने मुंह में अंगुलियां दबां ली। इन पर रंगबिरंगे परिधानों, धूप के चश्में और हैट लगाए ठाठ से बैठे उनके मालिक और उनके परिवार के सदस्य अपनी-अपनी कारों पर इतरा रहे थे। प्रमुख सचिव पर्यटन मुकेश मेश्राम ने हरीझंडी दिखाकर रवाना किया।

हिन्दुस्तान पेट्रोलियम ने विंटेज कार एवं मोटरसाइकिल क्लब की मदद से यह कार और मोटरसाइकिल रैली रविवार को निकाली। सुबह से ही क्राइस्टचर्च कॉलेज के पहले सड़क किनारे कतारों में खड़ी इन कारों को देखने के लिए कारप्रेमी इकट्ठा हो गए थे। सभी एक-एक कार को देख रहे थे। दर्शक कार मालिकों से कारों का इतिहास और उनके बारे में जानकारी ले रहे थे। रैली में आई सबसे पुरानी यानी 1914 की मॉरिस बुलनोज की मालिक सारा अली बता रही थीं कि कभी यह कार रईसी की प्रतीक मानी जाती थी। विदेश से ये कारें आती थीं। आज के दौर में इनको संभालकर चालू हालत में रखना बेहद खर्चीला और मंहगा शौक है।

रैली में आईं 28 कारें और 17 मोटरसाइकिलें

साल 1933 की शेवरले फीटन कार लेकर पहुंचे संदीप दास विंटेज कार एण्ड मोटरसाइकिल क्लब के सचिव भी हैं। उन्होंने बताया कि कि पिछली रैली 2019 में हुई थी। इसके बाद कोरोना के कारण यह नहीं हुई। इस बार पर्यटन विभाग ने फिर इसे शुरू करवाया। उन्होंने कहा तीन साल रैली ना होने से कई कारें बंद हो गईं। कइयों को समय से मरम्मत नहीं हो पाई। यही कारण है कि रैली में सिर्फ 28 कारों और 17 मोटरसाइकिलों की हिस्सेदारी रही। इसके बावजूद यह बढ़िया पहल है। लखनऊ की सड़कों पर तीन साल बाद पुराने जमाने की कारों ने फर्राटा भरा।

यहां से गुजरी रैली

हजरतगंज चौराहे से शुरू होकर रैली शहीद स्मारक होती हुए इमामबाड़ा पहुंची। वहीं से इसी मार्ग से लौटी और राजभवन, कालीदास मार्ग चौराहा, लोहिया पथ होते हुए इंदिरा प्रतिष्ठान पर समाप्त हुए। समापन पर मण्डलायुक्त रोशन जैकब ने रैली में हिस्सा लेने वाली सभी प्रतिभागियों को प्रमाणपत्र दिया।

रैली में आई 10 सबसे पुरानी कारें :

मॉरिस बुलनोज (1914, सारा अली), फिएट (1928, फराह वकील), फोर्ड-ए (1928, रोहित पंत), फोर्ड-ए (1928 राजेश जैन), फोर्ड (1942, एमए खान), शेवरले फीटन (1932, संदीप दास), फिएट बलेला (1935, रविशंकर), हम्बर 12 (1935, रजनीश चोपड़ा), फिएट (1937, अब्दुल हफीज), ऑस्टिन (1939, राजकुमार मिश्रा)

रैली में आई 10 सबसे पुरानी मोटरसाइकिलें :

नॉर्टन (1935, अतीक अहमद), नॉर्टन (1935, शोएब), बीएसए 550 (1935, यासर मोइन), बीएसए 350 (1935, शाहरुख मतीन), बीएसए 250 (1935, बशर नावेद), डीकेडब्ल्यू (1938, संजय कुमार), ट्रायम्फ (1939, यूसुफ असलम), एक्सेलसर वेलबाइक (1942, रोहित पंत), बीएसए 350 (1949, अतीक अहमद), बीएसए 350 (1950, रंजीत सिंह)।

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