
आयुष्मान कार्ड मिशन मोड में, बचे परिवारों के लिए 90 दिन का स्पेशल ड्राइव
Lucknow News - मुख्य सचिव एसपी गोयल ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सभी मण्डलायुक्तों और जिलाधिकारियों के साथ साप्ताहिक बैठक की। इसमें सड़क दुर्घटना पीड़ितों के लिए कैशलेस उपचार योजना, ई-ऑफिस के कार्यान्वयन, और स्थायी हेलीपैड निर्माण के प्रस्तावों पर चर्चा की गई।
उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव एसपी गोयल ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए सभी बड़े अधिकारियों के साथ बैठक की और कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए। सबसे बड़ी राहत सड़क हादसों के शिकार लोगों के लिए है। अब दुर्घटना के बाद के ‘गोल्डन आवर’ यानी शुरुआती घंटे में घायलों को मुफ्त इलाज मिलेगा। यह सुविधा आयुष्मान भारत से जुड़े किसी भी सरकारी या प्राइवेट अस्पताल में मिल सकेगी।
इसके अलावा, उन्होंने कहा कि अगले 90 दिनों तक एक विशेष अभियान चलाकर सभी परिवारों के आयुष्मान कार्ड बनाए जाएं। साथ ही, उन्होंने पुलिस भर्ती परीक्षा के लिए सेंटर्स की जानकारी एक हफ्ते में मांगी है और हर जिले, तहसील और ब्लॉक लेवल पर पक्के हेलीपैड बनाने का प्रस्ताव भी जल्द भेजने को कहा है।
यूपी सरकार के बड़े फैसले
बैठक में मुख्य सचिव ने दफ्तर के काम-काज में लापरवाही पर सख्ती दिखाई है। उन्होंने साफ कहा कि अब सरकारी काम ‘ई-ऑफिस’ के जरिए ही होना चाहिए ताकि काम में सफाई और तेजी आए। उन्होंने नाराजगी जताते हुए कहा कि जो अधिकारी या कर्मचारी ई-ऑफिस का इस्तेमाल नहीं कर रहे हैं या लॉग-इन तक नहीं किया है, उनकी सैलरी रोकी जा सकती है। एक महीने के अंदर सभी तहसीलों को इस ऑनलाइन सिस्टम से जोड़ना होगा। इसके साथ ही, उन्होंने सभी जिलाधिकारियों को किसान रजिस्ट्री के काम की रोजाना जांच करने के निर्देश दिए हैं ताकि किसानों से जुड़े काम समय पर पूरे हो सकें।

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