लखनऊ पश्चिम में जुड़े सबसे अधिक मतदाता, उत्तर में घटे
Lucknow News - अक्तूबर 2025 में लखनऊ के कुल मतदाताओं की संख्या 39,94,535 थी, जो अब 30,80,350 हो गई है। जनवरी से अप्रैल 2026 के बीच, लखनऊ पश्चिम और सरोजनीनगर में नए मतदाताओं की संख्या में सबसे अधिक वृद्धि हुई है। महिलाओं और युवाओं की भागीदारी में भी सुधार देखा गया है।

अक्तूबर 2025 में कुल मतदाता: 39,94,535 जनवरी 2026 (ड्राफ्ट सूची): 27,94,397 (12 लाख की कमी)अब (10 अप्रैल 2026): 30,80,350- जनवरी 2026 के बाद सभी विधानसभाओं में 20 से 55 हजार तक नए मतदाता जुड़े हैं। सबसे अधिक बढ़त लखनऊ पश्चिम (54,822) और सरोजनीनगर (47,063) में रही।- जनवरी से अप्रैल के बीच कुल 1,59,278 महिलाओं के नाम सूची में नए जुड़े हैं, जबकि पुरुषों की संख्या 1,31,733 रही।- अक्तूबर 2025 के बाद 18-19 आयु वर्ग के युवाओं को जोड़ने पर विशेष जोर दिया गया। जिले में कुल 31,767 युवा मतदाता ऐसे हैं जो इसी दौरान सूची का हिस्सा बने। इसमें सबसे ज्यादा सक्रियता लखनऊ पश्चिम (4,785) और सरोजनी नगर (4,691) के युवाओं में रही।लखनऊ,
प्रमुख संवाददातालखनऊ के 9 विधान सभा क्षेत्रों में एसआईआर की छंटनी का असर सबसे अधिक लखनऊ उत्तर बना। यहां पिछले वर्ष एसआईआर शुरू होने से पहले तक 4 लाख 99 हजार 019 मतदाता थे। जिला निर्वाचन की ओर से शुक्रवार को जारी हुई मतदाता सूची में यह संख्या 3 लाख 44 हजार 309 रह गई। इस विधान सभा क्षेत्र से कुल 1 लाख 54 हजार 710 मतदाता कम हुए।दूसरे नम्बर पर लखनऊ पूर्व सीट रही। यहां पहले 4 लाख 62 हजार 625 मतदाता थे जो अब 3 लाख 19 हजार 147 रह गए हैं। कुल 1 लाख 43 हजार 478 मतदाता कम हुए हैं। तीसरे नम्बर पर सरोजनीनगर रहा जहां 1 लाख 42 हजार 122 मतदाता कम हुए हैं। एसआईआर से पहले यहां 6 लाख 2 हजार 159 मतदाता थे। ये अब 4 लाख 60 हजार 37 रह गए हैं।शहरी क्षेत्र की एक और ग्रामीण की तीन सीटों पर कम कटे नामलखनऊ पश्चिम शहरी क्षेत्र की ऐसी सीट है जहां पर अन्य चार विधानसभा क्षेत्रों के मुकाबले कम मतदाताओं के नाम हटे। एसआईआर से पहले 4 लाख 70 हजार 362 मतदाता थे। आज जारी सूची के अनुसार यहां 87 हजार 467 मतदाता कम हुए हैं। अब यहां 3 लाख 82 हजार 895 मतदाता रह गए हैं। इसके अलावा तीन ग्रामीण इलाकों में एसआईआर प्रक्रिया में नाम हटने का आंकड़ा एक लाख तक नहीं पहुंचा, काफी कम रहा। मलिहाबाद में पहले 3 लाख 68 हजार 641 मतदाता थे जो अब 3 लाख 30 हजार 530 रह गए हैं। इसी तरह बख्शी का तालाब में पहले 4 लाख 95 हजार 123 मतदाता थे जो अब 4 लाख 19 हजार 472 रह गए हैं। मोहनलालगंज में 40 हजार 245 मतदाता कम हुए हैं। यहां पहले 3 लाख 59 हजार 016 मतदाता थे जो अब 3 लाख 18 हजार 771 रह गए हैं।लखनऊ पश्चिम में जुड़े 55 हजार से ज्यादा मतदातानाम जुड़वाने में सबसे आगे लखनऊ पश्चिम विधान सभा क्षेत्र रहा। यहां 55 हजार 997 मतदाता जुड़े हैं। इसके बाद सरोजनीनगर विधान सभा क्षेत्र रहा जहां 47,521 मतदाता जुड़े। तीसरे स्थान पर 36 हजार 979 मतदाताओं के साथ लखनऊ उत्तर रहा। लखनऊ कैंट में केवल 19 हजार 906 नाम जुड़े। चुनाव आयोग के आंकड़ों के अनुसार जनवरी 2026 के बाद सभी विधानसभा क्षेत्रों में 20 हजार से 55 हजार तक नए मतदाता जुड़े हैं। सबसे अधिक बढ़त लखनऊ पश्चिम (54,822) और सरोजनीनगर (47,063) में देखी गई। जनवरी से अप्रैल के बीच कुल 1,59,278 महिलाओं के नाम सूची में नए जुड़े हैं, जबकि पुरुषों की संख्या 1,31,733 रही।नव विकसित क्षेत्रों में सर्वाधिक मतदाता कम हुएअंतिम मतदाता सूची में उन विधानसभा क्षेत्रों में सबसे ज्यादा मतदाता कम हुए जहां नई आबादी का विकास हो रहा है। बताया जा रहा है कि इन क्षेत्रों में प्रदेश के तमाम जिलों के लोग मतदाता थे। जब एसआईआर शुरू हुआ तो तमाम मतदाताओं ने अपने मूल निवास की सूची में शामिल होना बेहतर समझा और शहर की सूची से अपने नाम कटवा दिए। इस नाते इन इलाकों में अक्तूबर 2025 की मतदाता सूची के मुकाबले एसआईआर के बाद की सूची में कमी देखी जा रही है।खास बातें-जनसंख्या के अनुपात में बीकेटी विधानसभा क्षेत्र सबसे आगे है। यहां की 65.96% आबादी मतदाता सूची में दर्ज है।-लखनऊ कैंट और लखनऊ मध्य जैसे शहरी और पॉश इलाकों में जनसंख्या के मुकाबले मतदाताओं का प्रतिशत सबसे कम (लगभग 36-37%) है।-संख्या के लिहाज से सरोजनीनगर लखनऊ की सबसे बड़ी विधानसभा है, जहां 4.60 लाख मतदाता हैं। वहीं लखनऊ कैंट 2.40 लाख वोटर्स के साथ सबसे छोटी विधानसभा बनी हुई है।-निर्वाचन आयोग ने 69.06% का लक्ष्य (ईपी रेशियो) रखा था, लेकिन लखनऊ अभी 50.99% पर ही पहुंच पाया है। यानी अभी भी लगभग 18% आबादी को मतदाता सूची में नहीं है।अक्तूबर 2025 की तुलना में आज की स्थितिविधानसभा क्षेत्र अक्तूबर 2025 6 जनवरी 2026 10 अप्रैल 2026 कुल अंतर मौजूदा विधायक का दल168 मलिहाबाद 3,68,641 3,04,471 3,30,530 - 38,111 भाजपा169 बीकेटी 4,95,123 3,84,852 4,19,472 - 75,651 भाजपा170 सरोजनी नगर 6,02,159 4,12,974 4,60,037 - 1,42,122 भाजपा171 लखनऊ पश्चिम 4,70,362 3,28,073 3,82,895 - 87,467 सपा172 लखनऊ उत्तर 4,99,019 3,07,422 3,44,309 - 1,54,710 भाजपा173 लखनऊ पूर्व 4,62,625 2,92,530 3,19,147 - 1,43,478 भाजपा174 लखनऊ मध्य 3,72,000 2,43,246 2,64,561 - 1,07,439 सपा175 लखनऊ कैंट 3,65,590 2,22,598 2,40,628 - 1,24,962 भाजपा176 मोहनलालगंज 3,59,016 2,98,231 3,18,771 - 40,245 भाजपासबसे ज्यादा युवा भी लखनऊ पश्चिम में जुड़ेपहली बार वोटर बनाने वाले युवाओं के मामले में लखनऊ पश्चिम का रिकॉर्ड सबसे बेहतर रहा। जिले में कुल 41,246 युवा मतदाता पंजीकृत हो चुके हैं। इसमें लखनऊ पश्चिम में 5,958 युवाओं ने पंजीकरण कराया है, जो इस विधानसभा का 1.56% है और जिले में सर्वाधिक। सरोजनीनगर में 6,182 और बीकेटी में 5,668 नए नाम जुड़े हैं। लखनऊ पूर्व में युवा मतदाताओं का प्रतिशत मात्र 1.23% रहा। यहां 2,968 ही युवा सूची में शामिल हुए।180 मतदाता सौ वर्ष से ज्यादा उम्र वालेलखनऊ में ऐसे बुजुर्गों की संख्या भी सम्मानजनक है जो उम्र का शतक लगा चुके हैं। जिले में कुल 180 मतदाता ऐसे हैं जिनकी आयु 100 वर्ष या इससे अधिक है। इस वर्ग में सबसे ज्यादा आयु वाले मतदाता बीकेटी (54) और मलिहाबाद (35) में हैं। शहरी क्षेत्र की बात करें तो लखनऊ उत्तर में 12 और लखनऊ पूर्व में 15 ऐसे मतदाता हैं जो 100 साल या इससे ज्यादा उम्र के हैं।22,397 दिव्यांग मतदाता हैं। सर्वाधिक बीकेटी (3,455) और मोहनलालगंज (3,380) में हैं।375 अप्रवासी मतदाता लखनऊ की वोटर लिस्ट का हिस्सा हैं। इसमें लखनऊ पूर्व (109) और लखनऊ मध्य (108) सबसे आगे हैं।लखनऊ की जनसंख्या 60 लाख के पारविधानसभा क्षेत्र अनुमानित जनसंख्या (2025) मौजूदा कुल वोटर (10-04-2026) जनसंख्या के सापेक्ष वोटर %बीकेटी 6,35,995 4,19,472 65.96% (सबसे ज्यादा)सरोजनीनगर 7,65,638 4,60,037 60.09%लखनऊ पश्चिम 6,42,092 3,82,895 59.63%मलिहाबाद 6,23,473 3,30,530 53.01%लखनऊ उत्तर 6,53,777 3,44,309 52.66%लखनऊ पूर्व 6,66,461 3,19,147 47.89%मोहनलालगंज 6,73,548 3,18,771 47.33%लखनऊ मध्य 7,15,856 2,64,561 36.96%लखनऊ कैंट 6,63,956 2,40,628 36.24% (सबसे कम)कुल योग 60,40,796 30,80,350 50.99%नई मतदाता सूची में दिखा जेंडर रेशियो में सुधारजिले का औसत जेंडर रेशियो जो अक्तूबर 2025 में 889 था। यह जनवरी 2026 में घटकर 883 हो गया था, वह अब सुधरकर 910 पर पहुंच गया है। यानी लखनऊ ने आयोग के 906 के लक्ष्य को 4 अंकों से पीछे छोड़ दिया है। लखनऊ के शहरी इलाकों में महिलाओं ने मतदाता सूची में नाम जुड़वाने में ज्यादा उत्साह दिखाया है। लखनऊ पूर्व में जेंडर रेशियो 975 रहा जो कि पूरे लखनऊ में सबसे ऊपर है। यहां प्रति 1000 पुरुषों पर 975 महिलाएं हैं। लखनऊ कैंट (952) और मध्य (950) में भी महिलाओं की भागीदारी मजबूत हुई है। साथ ही लखनऊ उत्तर (934) और पश्चिम (923) क्षेत्रों ने भी 906 के आंकड़े को पार कर लिया है। वहीं ग्रामीण क्षेत्रों को देखें तो मलिहाबाद में जेंडर रेशियो 844 रहा। एसआईआर से पहले यह 873 था। इसी तरह मोहनलालगंज (854) भी लिंगानुपात लक्ष्य से 52 अंक नीचे है। बीकेटी भी लक्ष्य 906 से नीचे 896 है।
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