शकुन्तला विवि बना आईआईटी रुड़की का वर्चुअल लैब्स नोडल सेंटर
डॉ. शकुन्तला मिश्रा राष्ट्रीय पुनर्वास विश्वविद्यालय के छात्र-छात्राओं को आईआईटी रुड़की के साथ वर्चुअल लैब्स के माध्यम से ऑनलाइन प्रायोगिक करने की सुविधा मिलेगी। यह मान्यता 31 दिसंबर 2026 तक प्रभावी रहेगी। छात्रों से कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं लिया जाएगा, और यह पहल दिव्यांग विद्यार्थियों के लिए भी सहायक होगी।

लखनऊ, कार्यालय संवाददाता डॉ. शकुन्तला मिश्रा राष्ट्रीय पुनर्वास विश्वविद्यालय के छात्र-छात्राओं को आईआईटी रुड़की के साथ अब वर्चुअल लैब्स के माध्यम से ऑनलाइन प्रायोगिक (प्रैक्टिकल) करने की सुविधा मिलेगी। विश्वविद्यालय को भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान रुड़की की ओर से वर्चुअल लैब्स नोडल सेंटर के रूप में स्वीकृति प्रदान की गई है। यह मान्यता 31 दिसंबर 2026 तक प्रभावी रहेगी। इसके संचालन और समन्वय के लिए विवि की डॉ. विनोदिनी कटियार को नोडल कोऑर्डिनेटर बनाया गया है।
वर्चुअल लैब्स का संचालन
वर्चुअल लैब्स में आईआईटी रुड़की के सॉफ्टवेयर का उपयोग कर उच्च गुणवत्ता वाली तकनीकी शिक्षा उपलब्ध हो सकेगी। छात्र कहीं से भी प्रयोग कर अपनी समझ को मजबूत कर सकेंगे। आईआईटी रुड़की विश्वविद्यालय को कंप्यूटर और इंटरनेट सुविधा सहित उपलब्ध कराना होगा। प्रत्येक सेमेस्टर में कम से कम एक वर्कशॉप आयोजित करना अनिवार्य होगा। छात्रों से इस सुविधा के लिए कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं लिया जाएगा। वर्चुअल लैब्स के प्रिंसिपल इंस्टीट्यूट कोऑर्डिनेटर व आईआईटी रुड़की के इलेक्ट्रिकल इंजी. विभाग के प्रो. आरएस आनंद ने ये जानकारी दी है।
छात्रों को लाभ
पुनर्वास विवि के कुलपति प्रो.संजय सिंह का कहना है कि वर्चुअल लैब्स नोडल सेंटर बनने से छात्रों को आधुनिक तकनीक के माध्यम से गुणवत्तापूर्ण प्रायोगिक शिक्षा मिलेगी। विशेष रूप से दिव्यांग विद्यार्थियों के लिए यह पहल सीखने की प्रक्रिया को और अधिक सुलभ और प्रभावी बनाएगी।
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