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छावनी परिषद उपाध्यक्ष पर फिर लटकी सदस्यता की तलवार

सदस्य रहते हुए खुद के नाम से डाला था पार्किंग का टेंडरलखनऊ। प्रमुख संवाददाताछावनी परिषद उपाध्यक्ष व वार्ड संख्या दो के पार्षद प्रमोद शर्मा पर एक बार फिर सदस्यता बरकरार रहने की तलवार लटक गई है। उनपर पार्किंग का ठेका में पद के दुरुपयोग का आरोप है। रिपोर्ट रक्षा मंत्रालय को भेज दी गई है। आगामी 17 जुलाई को मामले की सुनवाई होनी है।प्रमोद शर्मा इसी साल छावनी परिषद बोर्ड के उपाध्यक्ष चुने गए हैं। उन्होंने दिसम्बर 2015 में सदस्य रहते हुए मंगल पांडेय रोड पर अपने नाम से पार्किंग का ठेका लेने के लिए आवेदन कर दिया था। मामला छावनी परिषद की बोर्ड बैठक में भी उछला। प्रमोद शर्मा ने नियमों की जानकारी नहीं होने की बात कहते हुए खेद जताया था। इस मामले में बोर्ड ने इलाहाबाद हाईकोर्ट के सेवानिवृत्त न्यायाधीश प्रदीप कांत से कानूनी सलाह ली। उन्होंने आवेदन को नियम विरुद्ध बताया। उधर इस मामले में आरए बाजार निवासी नुसरत अली ने इलाहाबाद हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर कर दी थी। हाईकोर्ट ने रक्षा मंत्रालय को 17 जुलाई तक मामले में निर्णय लेने का आदेश दिया है।हाईकोर्ट के आदेश पर डिप्टी डीजी शालिनी पांडेय कानून के मुताबिक कड़ी कार्रवाई करने की संस्तुति की। उन्होंने दो माह का समय दिया। यह समय 17 जुलाई को पूरा हो रहा है। दूसरी ओर गत छह जुलाई को दिल्ली में रक्षा सम्पदा महानिदेशक के समक्ष प्रमोद शर्मा व नुसरत अली की पेशी हुई। उसमें छावनी परिषद के सीईओ भी मौजूद रहे। सूत्रों की मानें तो मामले को टालने की पूरी कोशिश हो रही है। कैंट बोर्ड सदस्यों के मुताबिक इस बार कार्रवाई तय है। यदि प्रमोद शर्मा की सदस्यता रद होती है तो छावनी परिषद नियमावली के अंतर्गत अगले तीन साल तक वह चुनाव भी नहीं लड़ सकेंगे। ----------------हाईकोर्ट ने 17 जुलाई तक फैसला लेने का आदेश दिया है। प्रमोद शर्मा ने सदस्य रहते हुए पार्किंग के लिए टेंडर डाला था। इस मामले में रक्षा सम्पदा निदेशालय को छावनी परिषद की ओर से जवाब भेज दिया है। फैसला वहीं से होना है। अमित कुमार मिश्र, सीईओ, छावनी परिषद।

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  • Web Title:Vice President of Cantonment Council