रेडीमेड कपड़ों पर पांच फीसदी जीएसटी करें
Lucknow News - लखनऊ, वरिष्ठ संवाददाता। उत्तर प्रदेश कपड़ा उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल ने केंद्र सरकार से

लखनऊ, वरिष्ठ संवाददाता। उत्तर प्रदेश कपड़ा उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल ने केंद्र सरकार से आम बजट में जीएसटी दरों को पांच प्रतिशत तक सीमित करने की मांग की है। संगठन के अध्यक्ष अशोक मोतियानी ने गुरुवार को कहा कि एक समय था जब कपड़ा पूरी तरह टैक्स मुक्त था, लेकिन वर्तमान में रेडीमेड कपड़ों पर जीएसटी की दरें 12 प्रतिशत से बढ़कर 18 प्रतिशत तक पहुंच गई हैं। उन्होंने कहा कि टैक्स के इस भारी बोझ ने कपड़ा उद्योग को प्रभावित किया है। उन्होंने कहा कि सरकार को ‘वन नेशन, वन टैक्स’ के सही स्वरूप को अपनाते हुए धागों से लेकर सभी श्रेणियों के रेडीमेड कपड़ों पर जीएसटी की दर को मात्र पांच प्रतिशत तय करना चाहिए।
लखनऊ की ऐतिहासिक पहचान ‘चिकनकारी’ का जिक्र करते हुए उन्होंने बताया कि यहां के उत्पाद विदेशों तक निर्यात होते हैं, लेकिन अमेरिका द्वारा टैरिफ में 50 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी करने से निर्यातकों के सामने संकट खड़ा हो गया है। इससे न केवल व्यापार कम हुआ है, बल्कि हजारों कारीगरों की आजीविका पर भी खतरा मंडरा रहा है। उन्होंने जोर दिया कि यदि टैक्स की दरें कम होती हैं, तो इससे न केवल व्यापार बढ़ेगा बल्कि आम जनता को भी सस्ता कपड़ा उपलब्ध होगा।

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