
यूपी में लगे स्मार्ट प्रीपेड मीटरों में से 3,050 में छेड़छाड़
संक्षेप: Lucknow News - - पश्चिमांचल के मीटरों में सबसे ज्यादा दर्ज किए गए हैं 'क्रिटिकल ईवेंट' लखनऊ,
यूपी में लगे स्मार्ट प्रीपेड मीटरों में से 3,050 में 'क्रिटिकल ईवेंट' यानी, छेड़छाड़ के मामले दर्ज किए गए हैं। प्रदेश में लगाए गए कुल स्मार्ट प्रीपेड मीटरों में से 36.44 लाख प्रीपेड मोड में काम करने लगे हैं। क्रिटिकल ईवेंट की संख्या आने के बाद अब स्मार्ट प्रीपेड मीटर की शुचिता पर सवाल उठ रहे हैं क्योंकि इन मीटरों के बारे में दावा था कि इनमें छेड़छाड़ संभव नहीं है। सबसे ज्यादा मामले पश्चिमांचल में दर्ज हुए हैं। जानकारों के मुताबिक क्रिटिकल ईवेंट तब दर्ज होते हैं, जब जब मीटर कवर खोला जाए या मैग्नेटिक टेंपरिंग की जाए। इसके अलावा सील तोड़ने या न्यूट्रल मिस होने पर भी क्रिटिकल ईवेंट दर्ज किए जाते हैं।

जानकार ऐसे मामलों को अनियमितता या बिजली चोरी से जोड़कर देखते हैं। राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद ने इस तरह के मामलों को गंभीर बताया है। उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा ने कहा कि ये आंकड़े पूरे सिस्टम की पारदर्शिता और विश्वसनीयता पर सवाल खड़ा करते हैं। इतने छेड़छाड़ के मामले मिले डिस्कॉम मामलों की संख्या पश्चिमांचल 1814 पूर्वांचल 333 मध्यांचल 724 मध्यांचल 39 दक्षिणांचल 78 दक्षिणांचल 21 केस्को 41 पश्चिमांचल के 27,823 मीटरों में 'वोल्टेज जीरो' यही नहीं, पश्चिमांचल के 27,823 मीटरों में जीरो वोल्टेज की स्थिति पाई गई है। इन सभी में करेंट आ रहा है बस लोड शून्य दिखा रहा। ऐसी स्थिति में मीटर देखकर अभियंता भी हैरान हैं कि आखिर ऐसा हो कैसे रहा है। पूर्वांचल में भी पांच, मध्यांचल में 46 और दक्षिणांचल के पांच मीटरों में भी शून्य वोल्टेज वाले मीटर के मामले पाए गए हैं। मीटरों में लगे हैं चीनी कंपोनेंट अवधेश कुमार वर्मा ने कहा कि ये आंकड़े उपभोक्ताओं को हैरान करने वाले हैं। मीटरों में चीनी कंपोनेंट का इस्तेमाल किया गया है। उपभोक्ता परिषद शुरुआत से ही इसके बारे में पावर कॉरपोरेशन को सचेत करता रहा है। अभी जब 36 लाख मीटरों में ऐसी स्थिति देखी जा रही है तो प्रदेश के 3 करोड़ 65 लाख उपभोक्ताओं के यहां मीटर लगने पर क्या होगा? मामले की उच्च स्तरीय जांच करवाई जानी चाहिए।

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