
एससी, एसटी को नौकरी देने के मामले में निकायों से मांगी गई रिपोर्ट
संक्षेप: Lucknow News - - समिति ने पूछा निकायों में इन वर्गों के कितने लोगों को दी गई नौकरी
निकायों में अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति को नौकरी देने को लेकर रिपोर्ट तलब की गई है। निकायों से पूछा गया है कि इस जाति के कितने लोगों को अब तक उनके यहां नौकरी दी गई है। उनके यहां आरक्षण की क्या स्थिति है और कितने पदों को अब तक भरा गया है। उत्तर प्रदेश विधान मंडल की अनुसूचित जातियों, अनुसूचित जनजातियों तथा विमुक्त जातियों से संबंधित संयुक्त समिति द्वारा जानकारी मांगे जाने के बाद नगर विकास विभाग में हड़कंप मच गया है। अधिकारी इसका ब्योरा जुटाने में जुट गए हैं। समिति की इसी माह बैठक होनी है और इसमें इसके बारे में पूरी रिपोर्ट रखी जानी है।

प्रदेश में 762 नगर विकास हैं। इन निकायों में केंद्रीयत और अकेंद्रीयत सेवा के पद हैं। समिति ने नगर विकास विभाग से पूछा है कि उनके यहां कुल कितने पद हैं। इन पदों में कितने आरक्षित वर्गों के लिए हैं। खासकर एससी, एसटी और विमुक्त जातियों को नौकरी देने के बारे में स्थिति की पूरी जानकारी मांगी गई है। इसमें यह भी पूछा गया है कि उत्तर प्रदेश लोक सेवा (अनुसूचित जातियों, जनजातियों तथा अन्य पिछड़ी जातियों के लिए आरक्षण) अधिनियम 1994 के आधार पर आरक्षण की क्या व्यवस्था है। भर्तियों से पहले पदों की गणना करते समय आरक्षित वर्गों के कितने पदों को अब तक भरा गया है। मौजूदा समय कितने पद खाली हैं और अगर खाली हैं इसकी क्या वजह है। इसके साथ ही यह भी पूछा गया है कि रिक्त पदों को भरने के लिए क्या किया जा रहा है। अब तक कितने पदों को भरने के लिए आयोगों को भर्ती संबंधी प्रस्ताव भेजे जा चुके हैं। विशेष सचिव विधानसभा मीनाक्षी सिन्हा के पत्र के आधार पर स्थानीय निकाय निदेशक अनुज झा ने इस संबंध में सभी निकायों से रिपोर्ट मांगी है।

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