प्रबुद्धजनों का सहयोग युवाओं को जागरूक करना महत्वपूर्ण- योगी
Lucknow News - लखनऊ, विशेष संवाददाता मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि विकसित यूपी

लखनऊ, विशेष संवाददाता मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि विकसित यूपी के लिए शुरू किया गया महाभियान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत के संकल्प का हिस्सा है। ‘विकसित भारत विकसित उत्तर प्रदेश” शताब्दी संकल्प अभियान के क्रम में उत्तर प्रदेश सरकार निरंतर प्रयत्नशील है। इस अभियान में 25 करोड़ जनता को भागीदार बनाना है। आप सभी प्रबुद्धजनों का सहयोग युवाओं को जागरूक करने और आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण होगा। रिटायर्ड होने का मतलब टायर्ड होना नहीं है। आपका अनुभव इस अभियान को गति देगा। 16वीं-17वीं शताब्दी में भारत वैश्विक जीडीपी में 25% हिस्सा रखता था- सीएम मुख्यमंत्री बुधवार को लखनऊ में लोकभवन में विज़न डाक्यूमेंट के लिए पोर्टल और क्यूआर कोड जारी करने के दौरान प्रबुद्धजनों को संबोधित कर रहे थे।
उन्होंने पीएम मोदी के नेतृत्व में देश की प्रगति का उल्लेख करते हुए कहा कि 16वीं-17वीं शताब्दी में भारत वैश्विक जीडीपी में 25% हिस्सा रखता था, जो 1947 तक 2% रह गया। 2014 में भारत 11वीं अर्थव्यवस्था था, लेकिन आज चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है और 2027 तक तीसरी बनेगा। उन्होंने कहा कि भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था है। अगर यही गति रही, तो 2047 तक विकसित भारत का लक्ष्य संभव है। बीते आठ वर्षों में हमने यूपी की निराशा को उत्साह में बदला उत्तर प्रदेश के संदर्भ में मुख्यमंत्री ने कहा कि 1947 और 1960 तक यूपी का राष्ट्रीय जीडीपी में योगदान 14% था, लेकिन 2016-17 तक यह 8% हो गया और यूपी आठवीं अर्थव्यवस्था बन गया। बीते आठ वर्षों में हमने निराशा को उत्साह में बदला। आज उत्तर प्रदेश देश की दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है और सबसे तेजी से उभरती अर्थव्यवस्था के रूप में स्थापित हुआ है। उन्होंने कहा कि प्रकृति और परमात्मा की कृपा से यूपी के पास सब कुछ है, बस संकल्प की जरूरत है। जैसी मनोदशा होगी, वैसा विकास होगा मुख्यमंत्री ने प्रख्यात वैज्ञानिक जगदीश चंद्र बसु का जिक्र करते हुए कहा कि जैसी मनोदशा होगी, वैसा विकास होगा। बसु ने दो पौधों पर प्रयोग किया, एक को प्रेरित किया, तो वह बड़ा वृक्ष बना, जबकि दूसरे को धिक्कारा, तो वह मुरझा गया। उन्होंने कहा कि यह जीव मात्र पर लागू होता है। मनुष्य ईश्वर की सर्वश्रेष्ठ कृति है। यूपी और भारत की स्थिति भी यही थी। नकारात्मकता से निराशा बढ़ी, लेकिन अब उत्साह का माहौल है। वर्ष 2016-17 से पहले यूपी बीमारू कहलाता था, लेकिन अब सकारात्मक बदलाव आया मुख्यमंत्री ने कहा कि 2016-17 से पहले यूपी बीमारू कहलाता था, लेकिन अब सकारात्मक बदलाव आया है। जीएसडीपी 13 लाख करोड़ से बढ़कर इस वर्ष 35 लाख करोड़ होने जा रही है। प्रति व्यक्ति आय में भी वृद्धि हुई है। कोविड काल में वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट योजना से एमएसएमई को बढ़ावा मिला, जिससे निर्यात दो लाख करोड़ तक पहुंचा। कोविड में एक करोड़ लोगों को रहने-खाने की व्यवस्था दी गई, जिसमें 40 लाख यूपी के कारीगर थे। एक भावुक किस्सा साझा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार चुनाव के दौरान एक गरीब व्यक्ति ने खाली डिब्बा दिखाकर उन्हें धन्यवाद दिया, जो कोविड के समय में यूपी में मिले भोजन का था। उन्होंने कहा कि यह सेवा का भाव है, जो लोगों के मन में विश्वास जगाता है। यूपी 8 वर्ष में बीमारू से ग्रोथ इंजन बन सकता है, तो 2047 में विकसित उत्तर प्रदेश का लक्ष्य हासिल करेगा- सीएम योगी मुख्यमंत्री ने आईआईटी कानपुर के सेमिनार का जिक्र किया, जहां 1000 से अधिक टेक्नोक्रेट और 300 से ज्यादा इंडस्ट्री लीडर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, साइबर सिक्योरिटी और सस्टेनेबिलिटी पर मंथन कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि पहले यूपी में किसान आत्महत्याएं करते थे, एमएसएमई बंद हो गए थे, लेकिन अब बदलाव आया है। शिक्षा के क्षेत्र में भी यूपी पहले केंद्र था, लेकिन बाद में पिछड़ गया। अब नई ऊर्जा के साथ आगे बढ़ रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि कोई कारण नहीं कि अगर यूपी 8 वर्ष में बीमारू से ग्रोथ इंजन बन सकता है, तो 2047 में लक्ष्य हासिल न कर सके। हमें मानसिक रूप से तैयार होना है। उन्होंने सभी का धन्यवाद दिया और शताब्दी संकल्प 2047 के लिए मिलकर कार्य करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि यह अभियान युवाओं में उत्साह जगाएगा और विकास की गति को तेज करेगा। इस अवसर पर दोनों उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मोर्य व ब्रजेश पाठक, कैबिनेट मंत्री स्वतंत्र देव सिंह, सूर्य प्रताप शाही, प्रभारी मुख्य सचिव दीपक कुमार, प्रमुख सचिव आलोक कुमार, संजय प्रसाद समेत अधिक संख्या में प्रबुद्धजन मौजूद रहे।
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