विज्ञान-गणित शिक्षक बनेंगे कौशल शिक्षक, ‘सीखो करके’ से संवरेंगी कक्षाएं
Lucknow News - लखनऊ में, बेसिक शिक्षा विभाग 3288 परिषदीय विद्यालयों में 'लर्निंग बाय डूइंग' माडल लागू करने जा रहा है। इसका उद्देश्य बच्चों को किताबों तक सीमित न रखकर प्रयोग और गतिविधियों के माध्यम से सीखने के लिए प्रेरित करना है। 1400 शिक्षकों का कौशल-आधारित प्रशिक्षण 16 फरवरी से 18 मार्च तक आयोजित किया जाएगा।

लखनऊ, प्रमुख संवाददाता। बेसिक शिक्षा विभाग प्रदेश के 3288 परिषदीय विद्यालयों और डायट संस्थानों में ‘लर्निंग बाय डूइंग’ (सीखो करके) माडल को प्रभावी रूप से लागू करने जा रहा है। इसका मुख्य उद्देश्य बच्चों को किताबों तक सीमित न रखकर प्रयोग, गतिविधि और जीवन से जुड़े अनुभवों के माध्यम से सीखने के लिए प्रेरित करना है। शिक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि बच्चे जब स्वयं प्रयोग करते हैं और समाधान खोजते हैं तो उनकी जिज्ञासा, तार्किक सोच और समस्या-समाधान क्षमता का तेजी से विकास होता है। इससे बच्चे निष्क्रिय श्रोता के बजाय सक्रिय शिक्षार्थी बनते हैं। इसके तहत राजधानी लखनऊ स्थित उद्यमिता विकास संस्थान में 16 फरवरी से 18 मार्च तक विज्ञान और गणित विषय के 1400 शिक्षकों का त्रिदिवसीय आवासीय कौशल-आधारित प्रशिक्षण दिया जाएगा।
यह प्रशिक्षण 66 बैचों में पूरा कराया जाएगा। प्रशिक्षित शिक्षक आगे अपने-अपने विद्यालयों में बच्चों को प्रयोग, प्रोजेक्ट, माडल और गतिविधि आधारित शिक्षण देंगे। विभाग का लक्ष्य बच्चों को केवल याद कराने या रट्टा लगवाने के स्थान पर समझने, परखने और खोजने की शिक्षा देना है। यह पहल राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के अनुरूप है और भविष्य की स्किल-इकोनामी, नवाचार और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस युग की जरूरतों को ध्यान में रखकर की जा रही है।
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