
विधान परिषद- पात्रता के आधार पर दिव्यांगजन हो रहे हैं लाभांवित, धन की कोई कमी नहीं
Lucknow News - उत्तर प्रदेश सरकार ने विधान परिषद में बताया कि दिव्यांगजनों के लिए पेंशन, कृत्रिम अंग और अन्य योजनाओं में धन की कोई कमी नहीं है। सभी पात्र व्यक्ति को शत-प्रतिशत लाभ दिया जाएगा। दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग ने 2011 से लंबित पदोन्नति पर भी जानकारी दी और सभी योजनाएं ऑनलाइन और पारदर्शी तरीके से संचालित की जा रही हैं।
लखनऊ, प्रमुख संवाददाता। सरकार ने विधान परिषद में आज कहा कि प्रदेश में दिव्यांगजनों के लिए पेंशन, कृत्रिम अंग, कुष्ठावस्था पेंशन सहित किसी भी योजना में धन की कोई कमी नहीं है। जो भी पात्र है और आवेदन करता है, उसे शत-प्रतिशत लाभ दिया जाएगा। योगी सरकार का लक्ष्य है कि प्रदेश का कोई भी पात्र दिव्यांगजन योजनाओं के लाभ से वंचित न रहे। भाजपा सदस्य देवेन्द्र प्रताप सिंह ने प्रश्नकाल में सवाल करते हुए पूछा था कि प्रदेश में दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग द्वारा संचालित विशेष विद्यालयों व कॉलेजों में 2011 में नियुक्त अध्यापक की पदोन्नति रिक्त पदों के सापेक्ष कितनी अवधि से लंबित है।
लंबित पदोन्नति को कब तक पूरा कर लिया जाएगा। जवाब में दिव्यांगजन सशक्तिकरण राज्यमंत्री नरेन्द्र कश्यप ने कहा कि विशेष विद्यालयों एवं महाविद्यालयों में वर्ष 2011 में चयनित जेटीसी ग्रेड शिक्षकों में से एलटी ग्रेड शिक्षक के नौ रिक्त पदों पर पदोन्नति के लिए अधियाचन बीते 16 जुलाई को तथा एलटी ग्रेड से प्रवक्ता के 28 पदों के सापेक्ष अधियाचन 12 दिसंबर 2022 को उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग को प्रेषित किए जा चुके हैं, जिन पर वर्तमान में कार्रवाई प्रक्रियाधीन है। यह भी कहा कि विभाग की सभी योजनाएं ऑनलाइन, पारदर्शी और दलाल-मुक्त प्रणाली के तहत संचालित की जा रही हैं।

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