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टेक्सटाइल, ऑटोमोबाइल, केमिकल और इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्र में निवेश की खुली राह

टेक्सटाइल, ऑटोमोबाइल, केमिकल और इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्र में निवेश की खुली राह

संक्षेप: Lucknow News - - फोकस सेक्टर डेस्क से प्रदेश में निवेश को मिल रही नई उड़ान लखनऊ,

Thu, 23 Oct 2025 05:46 PMNewswrap हिन्दुस्तान, लखनऊ
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उत्तर प्रदेश भारत की सबसे तेजी से उभरती निवेश भूमि बन चुका है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में इंवेस्ट यूपी द्वारा किए जा रहे नवाचारपूर्ण प्रयासों ने प्रदेश को निवेशकों का पसंदीदा गंतव्य बना दिया है। फोकस सेक्टर डेस्क की स्थापना से केवल निवेश प्रक्रिया को सरल बनाया है। फोकस सेक्टर डेस्क टेक्सटाइल, ऑटोमोबाइल, केमिकल, इलेक्ट्रॉनिक्स और ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर जैसे प्रमुख क्षेत्रों में निवेश को जुटाने में सफल रही है। मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन में फोकस सेक्टर डेस्क की रणनीति ने न केवल निवेश प्रक्रिया को गति दी है, बल्कि ‘विकसित उत्तर प्रदेश, विकसित भारत के विजन को साकार करने की दिशा में ठोस आधार भी तैयार किया है।

भारतीय तकनीकी वस्त्र संघ (आईटीटीए), परिधान निर्यात संवर्धन परिषद (एईपीसी), भारतीय उद्योग परिसंघ (सीआईआईI), भारतीय वस्त्र उद्योग परिसंघ (सीआईटीआई) और उत्तर भारत वस्त्र अनुसंधान संघ (एनआईटीआरए) की साझेदारी से इस सेक्टर में ग्रासिम, ट्राइडेंट, रिलायंस, जीईएसएल और श्याम संस जैसी बड़ी कंपनियां प्रदेश में निवेश कर रही हैं। उनके प्रोजेक्ट्स पाइपलाइन में हैं। सोसाइटी ऑफ इंडियन ऑटोमोबाइल मैन्युफैक्चरर्स, एसीएमए, एसएमईवी और एआरएआई जैसी संस्थाओं के सहयोग से प्रदेश में ऑटोमोबाइल उद्योग को नई रफ्तार मिल रही है। अशोक लीलैंड, मिंडा और टाटा मोटर्स (विस्तार परियोजना) जैसे दिग्गज निवेश के लिए तैयार हैं। रिलायंस इंडस्ट्रीज और दीपक नाइट्राइट जैसी कंपनियां बड़े निवेश की योजना पर काम कर रही हैं। इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर में डिक्सन, एम्बर, एचसीएल-फॉक्सकॉन, हायर और एलजी जैसी कंपनियों की परियोजनाएं पाइपलाइन में हैं, जिससे प्रदेश भारत का अगला टेक मैन्युफैक्चरिंग हब बनने की दिशा में अग्रसर है। नैसकॉम के सहयोग से एडोब, एएमडी और जेपी मॉर्गन जैसी वैश्विक कंपनियां उत्तर प्रदेश में अपने ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स स्थापित करने की दिशा में अग्रसर हैं।