समय पर उपलब्ध करा दी जाएंगी पुस्तकें: योगी
लखनऊ, विशेष संवाददाता मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि विद्यालयों में पुस्तकें समय पर उपलब्ध करा दी जाएंगी पुस्तकें: योगी

लखनऊ, विशेष संवाददाता मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि विद्यालयों में पुस्तकें समय पर उपलब्ध करा दी जाएंगी। सबसे महत्वपूर्ण यह है कि बच्चे स्कूल के वातावरण से जुड़ें और पढ़ाई के साथ खेलकूद व अन्य गतिविधियों में भी भाग लें। आपस में एक-दूसरे को जानें। उन्होंने कहा कि ‘ऑपरेशन कायाकल्प’ को नीति आयोग ने देश के सामने एक सफलता की कहानी के रूप में प्रस्तुत किया है। बेसिक शिक्षा परिषद के शिक्षकों, शिक्षामित्रों और अनुदेशकों के सामूहिक प्रयासों से ही यह बदलाव संभव हुआ है।
सरकार की साफ नीति से 1.60 करोड़ छात्र पढ़ रहे
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार की साफ नीयत और स्पष्ट नीति के कारण आज प्रदेश में लगभग एक करोड़ 60 लाख बच्चे बेसिक शिक्षा परिषद के विद्यालयों में अध्ययन कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने बच्चों के लिए जूते-मोजे, यूनिफॉर्म, स्वेटर और अन्य सुविधाओं की व्यवस्था सुनिश्चित की है। अभिभावकों के बैंक खातों में सीधे धनराशि भेजी जा रही है।
96 प्रतिशत बेसिक विद्यालयों में बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध
मुख्यमंत्री ने कहा कि 2017 में जब उनकी सरकार बनी, उस समय बेसिक शिक्षा परिषद की स्थिति बेहद खराब थी। 100 से कम छात्र संख्या वाले विद्यालयों में अनुदेशकों की सेवाएं समाप्त करने तक के प्रस्ताव आए थे, लेकिन सरकार ने उन्हें अस्वीकार करते कहा कि तो मैं आपकी सेवा का क्या करूं। उन्होंने कहा कि हमने ‘स्कूल चलो अभियान’ और ‘ऑपरेशन कायाकल्प’ की शुरुआत की। आज परिणाम यह है कि 96 प्रतिशत बेसिक विद्यालयों में बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध हैं और विद्यालयों की स्थिति में व्यापक सुधार हुआ है। उन्होंने कहा कि ड्रॉपआउट दर, जो पहले 17-18 प्रतिशत थी, अब घटकर लगभग 3 प्रतिशत रह गई है और सरकार का लक्ष्य इसे शून्य तक पहुंचाना है।
बच्चों की छिपी प्रतिभा को पहचानें और उन्हें आगे बढ़ने का अवसर दें
मुख्यमंत्री ने कहा कि हर बच्चा किसी न किसी प्रतिभा के साथ जन्म लेता है। कोई खेल में अच्छा होता है, कोई कला में, कोई विज्ञान में। शिक्षकों और अनुदेशकों की जिम्मेदारी है कि वे बच्चों की छिपी प्रतिभा को पहचानें और उन्हें आगे बढ़ने का अवसर दें। उन्होंने कहा कि बच्चों को दबाने की नहीं, बल्कि प्रेरित करने और सही दिशा दिखाने की जरूरत है। आत्म अनुशासन, समय पालन, स्वच्छता और संस्कार शिक्षा व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं।
गरीब बेटियों की सफलता की कहानियां प्रेरणा देती हैं
मुख्यमंत्री ने कहा कि श्रमिकों और निराश्रित बच्चों के लिए 18 अटल आवासीय विद्यालय स्थापित किए गए हैं, जहां 18 हजार बच्चे एक साथ रहकर शिक्षा प्राप्त कर सकते हैं। इन विद्यालयों में विश्वस्तरीय इंफ्रास्ट्रक्चर उपलब्ध कराया गया है और भोजन एवं आवास की पूरी व्यवस्था सरकार कर रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों को पहले चरण में 8वीं से 12वीं तक अपग्रेड किया गया है। अब सभी 825 विकासखंडों में एक-एक कस्तूरबा गांधी विद्यालय स्थापित करने के लिए धनराशि उपलब्ध करा दी गई है। उन्होंने कहा कि गरीब परिवारों की बेटियों की सफलता की कहानियां सरकार को प्रेरणा देती हैं।
कोई भी बच्चा शिक्षा से वंचित रहा तो दुष्परिणाम पूरे समाज और राष्ट्र को भुगतना पड़ेगा
मुख्यमंत्री ने वैश्विक परिस्थितियों का उल्लेख करते हुए कहा कि जैसे ईरान और अमेरिका के बीच तनाव का प्रभाव पूरी दुनिया पर पड़ता है, उसी प्रकार यदि कोई बच्चा शिक्षा से वंचित रह जाता है तो उसका दुष्परिणाम पूरे समाज और राष्ट्र को भुगतना पड़ता है। उन्होंने कहा कि विकसित भारत और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण के लिए हर बच्चे को शिक्षा से जोड़ना जरूरी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश आगे बढ़ रहा है और शिक्षा क्षेत्र में हो रहे परिवर्तन भविष्य के भारत की मजबूत नींव तैयार करेंगे।
शिक्षा की नींव मजबूत करने वालों को सामाजिक सुरक्षा की गारंटी अवश्य मिलनी चाहिए
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के लगभग 1.43 लाख शिक्षामित्रों, 24,296 अनुदेशकों, शिक्षकों और शिक्षणेत्तर कर्मचारियों को सामाजिक एवं स्वास्थ्य सुरक्षा से जोड़ना सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि जो व्यक्ति भारत की शिक्षा की नींव मजबूत करने के लिए निरंतर योगदान दे रहा है, उसे सामाजिक सुरक्षा की गारंटी अवश्य मिलनी चाहिए। उन्होंने कहा कि बढ़ा हुआ मानदेय सीधे बैंक खाते में भेजा जाएगा और कैशलेस स्वास्थ्य सुविधा भी इससे जुड़ी होगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने वर्ष 2019 में अनुदेशक बहनों को छह माह का पूर्ण मानदेय सहित मातृत्व अवकाश दिया था। वर्ष 2023 में स्वेच्छा से विद्यालय परिवर्तन की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई, जिसके तहत 4,000 से अधिक अनुदेशकों को अपनी पसंद का विद्यालय चुनने का अवसर मिला।
इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक, कैबिनेट मंत्री मनोज कुमार पांडे, बेसिक शिक्षा मंत्री संदीप सिंह, सदस्य विधान परिषद इंजीनियर अवनीश कुमार सिंह, डॉक्टर लालजी प्रसाद निर्मल, विधायक डॉक्टर नीरज बोरा और अपर मुख्य सचिव बेसिक एवं माध्यमिक शिक्षा पार्थ सारथी सेन शर्मा उपस्थित रहे।
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