गांवों में पर्यावरण संरक्षण की अलख जगाएंगी ग्रीन चौपाल
-हर महीने के तीसरे शुक्रवार को गांवों में लग रही ग्रीन चौपाल,

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वर्ष 2030 तक प्रदेश के 15 प्रतिशत क्षेत्र में हरियाली लाने का निर्देश दिया है। वन विभाग पौधरोपण को जनांदोलन बनाने के लिए गांवों में ग्रीन चौपाल गठन किया जा रहा है। इनके जरिए पर्यावरण संरक्षण में आमजन की भागीदारी भी सुनिश्चित की जा रही है। अब तक 14,318 गांवों में चौपाल का गठन व आयोजन किया जा चुका है। इन ग्रीन चौपालों में शामिल होने वाले लोगों से वर्ष 2026 में चलाए जाने वाले पौधरोपण अभियानों पर चर्चा करने के साथ-साथ उन्हें तैयारी से संबंधित जिम्मेदारियां भी सौंपी जा रही हैं। ग्रीन चौपालें ग्राम पंचायत स्तर पर महिलाओं, युवाओं, बुजुर्गों आदि को पर्यावरण संरक्षण में सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित करने पर भी जोर दे रही हैं।
ग्रीन चौपाल के अध्यक्ष ग्राम प्रधान, सेक्शन या बीट अधिकारी सदस्य सचिव तथा ग्राम पंचायत सचिव संयोजक बनाए गए हैं। इसके अलावा तीन ग्राम पंचायत सदस्य (न्यूनतम एक महिला सदस्य), स्वयं सहायता समूह की एक महिला प्रतिनिधि, प्राथमिक विद्यालय के प्रधानाध्यापक, आंगनबाड़ी सहायिका, प्रगतिशील कृषक, पर्यावरणविद् या स्थानीय एनजीओ के प्रतिनिधि व जैव विविधता प्रबंधन समिति के प्रतिनिधि चौपाल के सदस्य बनाए गए हैं। कोट मुख्यमंत्री के निर्देश पर गांवों में ग्रीन चौपालें शुरू की गई हैं। प्रदेश में हरियाली बढ़ाने और पर्यावरण संरक्षण के लिए ग्रीन चौपाल की भी मदद ली जाएगी। गांव स्तर पर प्रधान इसके अध्यक्ष बनाए गए हैं। प्रतिमाह ग्रीन चौपाल की कम से कम एक बैठक अनिवार्य की गई है। उत्कृष्ट कार्य करने वाली ग्रीन चौपालों को चिह्नित भी किया जा रहा है। रामकुमार, अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक
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