मतदाता सूची में गड़बड़ियों के आरोपों को नकार रहे जिला निर्वाचन अधिकार

मतदाता सूची में गड़बड़ियों के आरोपों को नकार रहे जिला निर्वाचन अधिकार

संक्षेप:

Lucknow News - - सपा प्रमुख अखिलेश ने त्रुटियों पर उठाए सवाल - जिलों में डीएम ने संभाला

Aug 20, 2025 09:30 pm ISTNewswrap हिन्दुस्तान, लखनऊ
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- फर्जी वोटिंग के वीडियो पर सीईओ बोले कराया पुनर्मतदान लखनऊ, प्रमुख संवाददाता मतदाता सूची में गड़बड़ियों को लेकर बिहार से उठा सियासी तूफान थमने का नाम नहीं ले रहा। अब यूपी में भी मतदाता सूची को लेकर महासंग्राम छिड़ गया है। सपा प्रमुख अखिलेश यादव की ओर से मतदाता सूची में त्रुटियों को लेकर उठाए गए सवालों पर एक-एक कर जिला निर्वाचन अधिकारी के तौर पर डीएम जवाब दे रहे हैं। वहीं अखिलेश की ओर से फर्जी वोटिंग का आरोप लगाकर जारी किए गए वीडियो पर मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा ने सफाई दी कि वीडियो पुराना है और जांच कर दोषियों पर कार्रवाई व तत्काल पुनर्मतदान कराया गया।

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एक्स पर सपा प्रमुख अखिलेश यादव की ओर से किए गए पोस्ट में भाजपा को बार-बार वोट डालते हुए एक युवक का वीडियो वायरल किया गया है। जिसके जवाब पर यूपी के मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय की ओर से जवाब दिया गया है कि यह वीडियो वर्ष 2024 के लोकसभा चुनाव के दौरान फर्रुखाबाद लोकसभा सीट के अलीगंज निर्वाचन क्षेत्र (एटा) के मतदान स्थल प्राथमिक पाठशाला खिरिया पमारान का 13 मई 2024 का है। 19 मई 2024 को यह वीडियो संज्ञान पर आने पर जांच की गई तो पता चला कि वीडियो में दिखने वाला व्यक्ति 18 वर्ष से कम आयु का था। जो कि बार-बार वृद्ध और अशक्त वोटरों को लेकर बार-बार सहयोगी के रूप में वोट डालने गया। वीडियो को ऐसा एडिट किया गया जिससे वह बार-बार अकेला वोट डालते नजर आ रहा है। प्राथमिक जांच की गई तो व्यक्ति की उम्र 18 वर्ष से कम पाई गई। यही नहीं एक ही व्यक्ति बार-बार किसी वृद्ध व अशक्त मतदाता को वोट डलवाने नहीं जा सकता। 19 मई 2024 को ही इस मामले में थाना नयागांव में एफआईआर दर्ज कराई गई और मतदेय स्थल पर तैनात सभी मतदान अधिकारियों को निलंबित कर दिया गया था। विभागीय कार्रवाई भी शुरू कर दी गई थी और 25 मई 2024 को पुनर्मतदान भी करा दिया गया था। वहीं अखिलेश के पोस्ट पर लखनऊ के बख्शी का तालाब विधानसभा क्षेत्र में 13 मतदाताओं का नाम सूची से काटे जाने का आरोप लगाया है और शपथ पत्र पर की गई शिकायत की जानकारी दी है। जिसके जवाब में अखिलेश की पोस्ट पर ही टैग कर लखनऊ के जिला निर्वाचन अधिकारी(डीएम) के आधिकारिक एक्स हैंडल पर लिखा गया है कि शिकायत प्राप्त हुई थी और जांच में पाया गया कि एक मतदाता का नाम अपने क्षेत्र में निवास ने करने के कारण वर्ष 2012 में नियमानुसार से हटा दिया गया। एक महिला मतदाता की मृत्यु होने के कारण उसका नाम सूची से हटाया गया। बाकी मतदाताओं के नाम मतदाता सूची में हैं। इसी तरह ही डीएम कासगंज, डीएम बाराबंकी ने कुर्सी विधानसभा की शिकायत को भी गलत बताया है। वहीं जौनपुर के डीएम ने भी एक्स पर अखिलेश यादव की शिकायतों को पूर्णतया निराधार व भ्रामक है।