चीनी उद्योग के भविष्य को बदलने-संवारने के लिए होगा मंथन

Newswrap हिन्दुस्तान, लखनऊ
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Lucknow News - - लखनऊ में 21 व 22 मई को होगी अंतराष्ट्रीय संगोष्ठी - 10 देशों

चीनी उद्योग के भविष्य को बदलने-संवारने के लिए होगा मंथन

- यूपी शुगर मिल्स एसोसिएशन और ग्रीनटेक ने की पहल

Voice of UP

लखनऊ, विशेष संवाददाता

गन्ने की नई प्रजाति से लेकर एआई और तकनीक के सहयोग से चीनी उद्योग के बेहतर भविष्य व चुनौतियों पर 10 देशों के विशेषज्ञ गहन चर्चा करेंगे। यूपी शुगर मिल्स एसोसिएशन (यूपीएसएमए) और ग्रीनटेक, कानपुर मिलकर लखनऊ के रमाडा होटल में 21 व 22 मई को दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन करेंगे। चीनी उ‌द्योग के विकासोन्मुख भविष्य की तैयारी विषय पर होने वाली संगोष्ठी में बायो फ्यूल व बायो प्लास्टिक पर भी चर्चा की जाएगी।

संगोष्ठी का शुभारंभ

राष्ट्रीय शर्करा संस्थान के पूर्व निदेशक प्रोफेुड़सर नरेन्द्र मोहन ने सोमवार को पत्रकारों को बताया कि संगोष्ठी का शुभारंभ 21 मई को सुबह 10 बजे मुख्य अतिथि अपर मुख्य सचिव, गन्ना विकास व चीनी उ‌द्योग विभाग वीना कुमारी करेंगी। संगोष्ठी में केंद्र सरकार के संयुक्त सचिव (शर्करा), यूपीएसएमए के अध्यक्ष विजय बंका, पूर्व अध्यक्ष सीबी पाटोदिया, अधिशासी निदेशक डीसीएम श्रीराम आरएल टामक समेत अन्य विशिष्ट अतिथि मौजूद रहेंगे। उन्होंने बताया कि संगोष्ठी के पहले दिन चार सत्र और दूसरे दिन तीन सत्र होंगे। यूपीएसएमए के महासचिव दीपक गुप्तारा ने बताया कि नई प्रौद्योगिकियों की प्रदर्शनी में कृषि संयंत्र और बायो-प्लास्टिक्स संबंधी उत्पाद भी दिखाए जाएंगे। संगोष्ठी में इंग्लैंड में प्रकाशित शुगर इंडस्ट्री इंटरनेशनल पत्रिका के संपादक अरविन्द चुडासामा, जर्मनी के सुक्रोस्फेयर प्रिफेर एवं लैंजेन (आईपी) के प्रबंध निदेशक मार्क ओलिवर बर्कहार्ट, लास एंजेलिस (यूएसए) के कार्बो सोल्यूशंस इंटरनेशनल (एलएलसी) के इम्मुएनल एम सरीर समेत अन्य देशों के चीनी उ‌द्योग व गन्ना विकास से जुड़े विशेषज्ञ सत्रों को संबोधित करेंगे। संगोष्ठी के प्रमुख तथ्यों व निष्कर्ष को केंद्र सरकार के संयुक्त सचिव (शर्करा) से साझा किया जाएगा.

चीनी निर्यात की स्थिति

चीनी निर्यात रहा लक्ष्य से पीछे

नरेन्द्र मोहन ने बताया कि 20 लाख टन चीनी के निर्यात का लक्ष्य रखा गया था और सात लाख टन चीनी का निर्यात ही हो सका। उन्होंने कहा कि देश में कुल खपत से चीनी की उपलब्ध कहीं अधिक है। चीनी से एथनाल बनाने के लिए निर्धारित कोटे से दोगुणा चीनी उपलब्ध है। उन्होंने कहा कि रिफाइंड सुगर का उत्पादन भी बढ़ रहा है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

संगोष्ठी में कितने देशों के विशेषज्ञ शामिल होंगे?
संगोष्ठी में 10 देशों के विशेषज्ञ शामिल होंगे।
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