
खाद्य प्रसंस्करण के 12 प्रस्तावों को हरी झंडी
संक्षेप: Lucknow News - लखनऊ, विशेष संवाददाता। खाद्य प्रसंस्करण उद्योग नीति-2023 के तहत मिले प्रस्तावों के परीक्षण के लिए
उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि यूपी में खाद्य प्रसंस्करण उद्योग निवेश और रोजगार का नया केंद्र बनकर उभरा है। किसानों से लेकर युवाओं तक को इससे लाभ हो रहे हैं। उप मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे खाद्य प्रसंस्करण इकाइयों के विस्तार के लिए सरकार द्वारा उठाए जा रहे कदम और इसपर दी जा रहीं रियायतों के बारे में जनता को जागरूक करें, ताकि वे उत्तर प्रदेश को विकास को गति दी जा सके। इसके पहले खाद्य प्रसंस्करण उद्योग नीति-2023 के तहत मिले प्रस्तावों के परीक्षण के लिए शनिवार को उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग के अपर मुख्य सचिव बीएल मीणा की अध्यक्षता में उद्यान आईआईए सभागार में अप्रेजल समिति की बैठक हुई।

इसमें 17 प्रस्तावों का प्रस्तुतिकरण हुआ, जिसमें से 12 प्रस्तावों को राज्य स्तरीय इम्पावर्ड कमेटी (एसएलईसी) में प्रस्तुत किए जाने की मंजूरी दी गई है। अपर मुख्य सचिव ने एचवीआर फूड्स प्रालि जौनपुर के हर्षवर्धन सिंह को मसाला उत्पादन की आधुनिक इकाई पूर्ण रूप से व्यवस्थित करने व उत्पादन शुरू करने पर प्रशस्ति पत्र दिया गया। बैठक में बताया गया कि प्रदेश के निवेशक सौर ऊर्जा से संयत्रों के संचालन को प्राथमिकता दे रहे हैं। वर्ष 2023 से अब तक 58 परियोजनाएं स्वीकृत की जा चुकी हैं, जिनमें सौर ऊर्जा संयंत्रों की स्थापना की गई है। शनिवार को मंजूर किए गए प्रोजेक्ट में से बेकरी के 2, लॉलीपॉप कैंडी का 1, फिश फीड का 1, आईक्यूएफ के 4, ग्राउंड नट ऑयल का एक, आईसक्रीम का 1, रेडी टू ईट का 1 और टोमैटो कैचअप का 1 प्रस्ताव स्वीकृत किया गया है। इन परियोजनाओं की अनुमानित निवेश राशि 250 करोड़ रुपये हो गई है।

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