
नियामक आयोग ने स्वीकारा ट्रांसमिशन कॉरपोरेशन और यूपीएसएलडीसी का एआरआर
Lucknow News - - दोनों कंपनियों को सात दिनों में प्रस्ताव सार्वजनिक करने के आदेश - प्रस्ताव सार्वजनिक
लखनऊ, विशेष संवाददाता। नियामक आयोग ने यूपी ट्रांसमिशन कॉरपोरेशन और यूपी स्टेट लोड डिस्पैच सेंटर (यूपीएसएलडीसी) का वार्षिक राजस्व आवश्यकता प्रस्ताव (एआरआर) स्वीकार लिया है। आयोग ने दोनों कंपनियों को आदेश दिए हैं कि अगले सात दिनों के भीतर वे प्रस्ताव सार्वजनिक कर दें ताकि उसके बाद 21 दिनों में उपभोक्ताओं से आपत्तियां ली जा सकें। उपभोक्ताओं की आपत्तियां और सुझाव मिलने के बाद प्रस्ताव पर खुली सुनवाई की जाएगी। फरवरी अंत या मार्च में सुनवाई की उम्मीद है। राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद ने कहा है कि वह आपत्तियों और सुझावों के साथ आयोग में जाएगा। उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा ने कहा कि पूरे देश में रोस्टर व्यवस्था समाप्त हो चुकी है और उपभोक्ता अधिकार अधिनियम-2020 के मुताबिक शहरी और ग्रामीण सभी हिस्से में 24 घंटे निर्बाध बिजली आपूर्ति का प्रावधान लागू है।
बावजूद इसके उत्तर प्रदेश में आज भी बिजली रोस्टर से दी जा रही है। यह बेहद आपत्तिजनक है। यूपीएसएलडीसी के संबंध में विद्युत नियामक आयोग द्वारा पहले जारी आदेशों को आज तक लागू नहीं किया गया है। यूपीएसएलडीसी को पूर्ण रूप से स्वतंत्र संस्था बनाते हुए उसके प्रबंध निदेशक की स्वतंत्र नियुक्ति किए जाने का आदेश अभी तक राज्य सरकार ने लागू नहीं किया है। नई बिजली दरों पर भी सुनवाई की प्रक्रिया जल्द नई बिजली दरों पर भी सुनवाई की प्रक्रिया जल्द शुरू हो सकती है। बिजली कंपनियों का एआरआर स्वीकारा जा चुका है और उनसे स्मार्ट प्रीपेड मीटर की तमाम जानकारियां मांगी गई हैं। जैसे ही पावर कॉरपोरेशन ये जानकारियां आयोग को उपलब्ध करवा देगा तो पावर कॉरपोरेशन उन्हें स्वीकार करके बिजली दरों के लिए सुनवाई की प्रक्रिया शुरू कर देगा।

लेखक के बारे में
Hindustanलेटेस्ट Hindi News , बॉलीवुड न्यूज, बिजनेस न्यूज, टेक , ऑटो, करियर , और राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।




