DA Image

अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

यूपी : उपेक्षा का शिकार ये गांव करेगा लोकसभा चुनाव का बहिष्कार 

जो सैनिक हमारे देश की सीमा की रक्षा करते हैं और उन्हीं की बदौलत हम चैन की नींद लेते हैं, लेकिन वहीं सैनिक आज यहां प्रशासनिक और राजनैतिक उपेक्षा का शिकार हैं। लेकिन अब इस गांव के लोगों ने भी अपने अधिकार की आवाज उठाई है।

दर्जनों सैनिक देश को देने वाला ये उत्तर प्रदेश के गोंडा जिला का नरायनपुर विसेन गांव एक अदद सड़क के लिए कई सालों से तरस रहा है। सड़क जो दशकों पहले बनी थी लेकिन अब सड़क में गड्ढे नहीं बल्कि गड्ढों के बीच सड़क नजर आ रही है। सड़क से परेशान फौजियों तथा ग्रामीणों ने अब 2019 लोकसभा चुनाव में गांव का बहिष्कार करने का निर्णय लिया है। इन लोगों का कहना है कि पहले सड़क फिर वोट।

छलक उठा सैनिकों का दर्द : गांव में कई पूर्व व वर्तमान सैनिक हैं। उनसे बात करने पर इनका दर्द छलका। सेवानिवृत्त हवलदार राकेश कुमार सिंह बताते हैं कि ड्यूटी के दौरान देश के दुश्मनों को कुछ नहीं समझा लेकिन अब तो कष्ट देश के सेवकों से है। सड़क इतनी ध्वस्त हो चुकी है कि गांव से निकलते निकलते घंटों लग जाते हैं। वहीं छुट्टी पर आए लेफ्टिनेंट प्रज्वल सिंह ने बताया कि मैं कश्मीर के पुलवामा में तैनात हूं। देश के लिए अपनी जान तक न्योछावर करने के लिए तैयार रहता हूं। लेकिन जब मैं अपने गांव आता हूं तो इस सड़क को देखकर बहुत ही कष्ट होता है। सेवानिवृत्त सैनिक शिव कुमार सिंह ने बताया कि इस सड़क से पढ़ने वाले बच्चों को बहुत तकलीफ होती है। सुबह विद्यालय पहुंचने के लिए घंटों लग जाते हैं।

गांव में लगभग तीन हजार से अधिक वोटर : इस गांव में 35 सौ मतदाता है। जिनमें से इस खस्ताहाल सड़क से आधी आबादी प्रभावित होती है। जिनमें पूरे विशेनसिंह, मिट्ठू पुरवा, बहाऊपुरवा, कुड़वा, टेपरा , खीसापुर पुरा शामिल है।

युवाओं में दिख रहा आक्रोश : गांव के युवा अनूप सिंह,सनी सिंह,विमल सिंह,बबलू सिंह,राघवेंद्र सिंह,अजय सिंह ने कहा कि लोकसभा चुनाव में यदि कोई भी नेता हमारे गांव में वोट मांगते आता है तो उससे बात नहीं की जाएगी। पहले सड़क चाहिए उसके बाद ही हम लोग मतदान करेंगे।

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title:UP: people of the village boycott Lok Sabha elections