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यूपी : जहरीली शराब के मुद्दे पर विपक्ष का पूरे दिन चला विधानसभा में हंगामा

जहरीली शराब कांड की सीबीआई जांच की मांग न माने जाने के विरोध में विपक्ष ने विधानसभा से दिन भर के लिए बहिष्कार किया। 

सोमवार को विधानसभा में जैसे ही सदन बैठा, कांग्रेस के दलीय नेता अजय कुमार लल्लू ने सहारनपुर और कुशीनगर में  जहरीली शराब से हुई मौतों का मामला उठाना चाहा और इस मामले पर पर चर्चा कराने की मांग की। सपा व बसपा सदस्यों ने भी इसका समर्थन किया। उत्तेजित सदस्यों के वेल में आने व हंगामें के कारण विधानसभा अध्यक्ष हृदय नारायण दीक्षित को प्रश्नकाल स्थगित करना पड़ा। बाद में विपक्षी दलों ने इस मामले की सीबीआई जांच की मांग। इस पर सरकार की ओर से संसदीय कार्यमंत्री सुरेश खन्ना ने कहा कि कुशीनगर में 10 व सहारनपुर में 39 मौतें हुईं हैं। सरकार इस मामले में कठोर कार्रवाई की है। दो सीओ को  निलंबित किया है। घटना की जांच के लिये विशेष एसआईटी बनाई गई है। यह दस दिन में अपनी रिपोर्ट देगी। इस लिहाज से विपक्ष की सीबीआई जांच की मांग अनुचित है जिसे स्वीकारा नहीं जा सकता।   

मंत्री सुरेश खन्ना ने कहा कि बसपा व सपा के दस साल में यानी 2008 से 2017 के बीच जहरीली शराब से 357 लोग लोगों की  मौत हो गई लेकिन तब तो तत्कालीन सरकारों ने दोषियों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की और न ही सीबीआई की जांच कराई। उन्होंने कहा कि सीबीआई जांच की मांग कर रहे है जबकि यही लोग सीबीआई पर उंगली उठाते हैं। सरकार न कभी अपराधियों के साथ थी न है,  और न रहेगी। इस पर सरकार के जवाब से असंतुष्ठ होकर पूरे दिन के लिए सदन का बहिष्कार किया। खन्ना ने कहा कि 2008 से लेकर 2017 तक सपा बसपा की सरकारें थी तो कितना मुआवजा और कितनी सीबीआई जांचे हुई।  खन्ना ने 2008 से 2017 तक सिलसिलेवार जहरीली शराब से हुई मौतों की जानकारी देते हुए सदन को बताया कि 2009 में 53, 2010 में 82, 2011 में 13, 2012 में 18, 2013 में 52, 2014 में 5, 2015 में 59, 2016 में 41, और 2017 में 18 मौतें हुई थीं। 

कांग्रेस विधानमंडल दल के नेता और कुशीनगर के विधायक अजय कुमार लल्लू ने आरोप लगाया कि जहरीली शराब के कारण 115 लोगों की जान गयी है। उन्होने कहा कि घटना की नैतिक जिम्मेदारी लेते हुये मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को इस्तीफा दे देना चाहिये। सहारनपुर के  संजय गर्ग ने कहा कि उनके जिले में जहरीली शराब से 88 लोगों की जान गयी है जबकि दोषी अधिकारियों को सत्ता पक्ष के नेता बचाने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होने उच्च न्यायालय की निगरानी में मामले की जांच सीबीआई से कराने और पीड़ति परिवारों को मुआवजा दिये जाने की मांग की। बसपा के लालजी वर्मा कहा कि इस मांग का समर्थन करते हुए कहा कि इस मामले में सहारनपुर और कुशीनगर के डीएम व एसपी को निलंबित किया जाए। 


 

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  • Web Title:UP: Opposition goes on a whole day to issue poisonous liquor in the assembly