यूपी में निजी इंजीनियरिंग कॉलेजों की भी होगी रैंकिंग
Lucknow News - - गुणवत्ता में सुधार के लिए उठाया जा रहा कदम - खराब रैंकिंग वाले कॉलेजों

लखनऊ, प्रमुख संवाददाता यूपी में सरकारी इंजीनियरिंग कॉलेजों की तर्ज पर अब निजी इंजीनियरिंग कॉलेजों की भी रैंकिंग होगी। गुणवत्ता में सुधार के लिए प्राविधिक शिक्षा विभाग यह कदम उठा रहा है। खराब प्रदर्शन वाले निजी इंजीनियरिंग कॉलेजों पर सख्ती की जाएगी। गुणवत्ता में सुधार कर विद्यार्थियों को बेहतर शिक्षा दिलाने पर जोर दिया जाएगा। नए शैक्षिक सत्र से रैंकिंग की प्रक्रिया शुरू करने की तैयारी की जा रही है। रैंकिंग किए जाने का उद्देश्य शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने, संसाधन, शोध व प्लेसमेंट की स्थिति में सुधार किया जाना है। छात्रों से मोटी फीस वसूल रहे तमाम निजी इंजीनियरिंग कॉलेजों में प्लेसमेंट पर कोई खास ध्यान नहीं दिया जा रहा।
अच्छी शिक्षा न मिलने व प्लेसमेंट न हो पाने के कारण छात्र सिर्फ इंजीनियरिंग की डिग्री लेकर भटकने को मजबूर होते हैं। 700 निजी इंजीनियरिंग कॉलेजों पर रैंकिंग के माध्यम से सख्ती की जाएगी। रैंकिंग की प्रक्रिया में निजी इंजीनियरिंग कॉलेजों को शामिल किए जाने से आपस में स्वस्थ प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी। गुणवत्तापरक शिक्षा को बढ़ावा मिलेगा। 10 प्रमुख मानकों पर मूल्यांकन किया जाएगा। फैकल्टी गुणवत्ता, इंफ्रास्ट्रक्चर, एक्स्ट्रा करिकुलर एक्टिविटी, परीक्षा व मूल्यांकन में सुधार, प्रयोग व लैब की स्थिति, वर्कशॉप व सेमिनार, स्टार्टअप व इनोवेशन, रिसर्च पब्लिकेशन एवं प्रोजेक्ट व प्लेसमेंट इत्यादि को शामिल किया गया है। अभी हाल में सरकारी इंजीनियरिंग कॉलेजों की रैंकिंग जारी की गई थी और इसमें कमला नेहरू इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी, सुल्तानपुर पहले स्थान पर, राजकीय इंजीनियरिंग कॉलेज आजमगढ़ दूसरे व राजकीय इंजीनियरिंग कॉलेज कन्नौज तीसरे स्थान पर था। इंजीनयरिंग कॉलेजों की रैंकिंग डा. एपीजे अब्दुल कलाम प्राविधिक विश्वविद्यालय (एकेटीयू) ने कई वर्ष पहले शुरू की थी, लेकिन बाद में यह योजना परवान न चढ़ सकी। अब फिर से रैंकिंग होगी।
लेखक के बारे में
Hindustanलेटेस्ट Hindi News , बॉलीवुड न्यूज, बिजनेस न्यूज, टेक , ऑटो, करियर , और राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।


