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भू-स्वामित्व नामांतरण व भू-उपयोग बदलने की प्रक्रिया होगी और आसान

भू-स्वामित्व नामांतरण व भू-उपयोग बदलने की प्रक्रिया होगी और आसान

संक्षेप:

Lucknow News - - भू-प्रशासन संबंधी प्रक्रियाएं होगी सरल, पारदर्शी, तेज और नागरिक-केंद्रित लखनऊ, विशेष संवाददाता

Jan 04, 2026 07:41 pm ISTNewswrap हिन्दुस्तान, लखनऊ
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यूपी सरकार भू-स्वामित्व नामांतरण व भू-उपयोग बदलने की प्रक्रिया को और आसान बनाने जा रही है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर स्टांप विभाग और राजस्व परिषद नामांतरण की धारा-34 और भू-उपयोग की धारा 80 की प्रक्रियाओं का ऑनलाइन सरलीकरण किया जा रहा है। राष्ट्रीय सूचना प्रौद्योगिकी केंद्र (एनआईसी) द्वारा विकसित सॉफ्टवेयर से इसे एकीकृत प्लेटफॉर्म पर लाया जा रहा है। इसे फरवरी 2026 तक पूरा कर लिया जाएगा। नामांतरण कराना होगा आसान स्टांप एवं पंजीकरण विभाग व राजस्व परिषद भूमि संबंधी प्रशासनिक प्रक्रियाओं का डिजिटलाइजेशन और सरलीकरण किया जा रहा है। भू-संपत्ति हस्तांतरण होते ही धारा-34 में डिजिटली नामांतकरण हो जाएगा।

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खसरा-खतौनी विवरण, मालिकाना हक के प्रमाण और अन्य दस्तावेज ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन से एक ही बार में मिल जाएंगे। ऑनलाइन होते ही इसकी जांच की जाएगी, जिससे कई स्तरों पर फॉर्म भरने, दस्तावेज जमा करने और लेखपाल की रिपोर्ट का झंझट खत्म हो जाएगा। भू-उपयोग बदलना भी होगा आसान कृषि भूमि को गैर-कृषि या औद्योगिक उपयोग में बदलने के लिए धारा-80 में होने वाली कार्यवाही भी डिजिटलीकरण किया जा रहा है। इसमें पहले आवेदन, अनुमोदन और अभिलेख अपडेट के लिए बार-बार दौड़-भाग करनी पड़ती थी। अब सभी जरूरी जानकारियां जैसे भूमि का खसरा-खतौनी विवरण, मौजूदा उपयोग की स्थिति और आसपास के क्षेत्र की जानकारियां ऑनलाइन आवेदन फॉर्म में एक बार में ही ली जाएंगी। डिजिटली जांच होगी, जिससे लेखपाल द्वारा बार-बार रिपोर्टिंग की जरूरत समाप्त हो जाएगी। एसएमएस या व्हाट्सएप से नोटिस प्रक्रिया संबंधित सभी नोटिस अब डाक के बजाय ऑनलाइन पोर्टल, एसएमएस या व्हाट्सएप से जाएगा। इससे आवेदक को तत्काल सूचना मिलेगी, लेखपाल की रिपोर्ट भी कम लगेगी। नामांतरण प्रमाणपत्र और भू-उपयोग बदलाव प्रमाण पत्र कुछ ही दिनों में ऑनलाइन उपलब्ध होगा। भू-प्रशासन में इस डिजिटल पहल से न केवल समय की बचत होगी, बल्कि संपत्ति की खरीद बिक्री में होने वाले अपराध और भ्रष्टाचार पर भी लगाम लगेगी। साथ ही भू-उपयोग बदलाव प्रक्रिया में सुधार और सरलीकरण से ग्रामीण क्षेत्रों में औद्योगिक निवेश में वृद्धि होगी, जिससे प्रदेश की ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी बल मिलेगा।