
फॉर्म-7 पर पारदर्शी ढंग से सुनवाई के बाद ही कटेंगे नाम : सीईओ
Lucknow News - - सभी ईआरओ को सख्त निर्देश कि ढंग से करें स्क्रूटनी - नोटिस पर
लखनऊ, प्रमुख संवाददाता यूपी में मतदाता सूची से नाम काटे जाने के सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के आरोप को चुनाव आयोग ने सिरे से खारिज किया है। फॉर्म-7 पर पारदर्शी ढंग से सुनवाई के बाद ही सभी जिलों में निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी (ईआरओ) नाम काटेंगे। सभी को सख्त निर्देश दिए गए हैं कि वह स्क्रूटनी ढंग से करें। मतदाता को पूरा अवसर दिया जाए और पारदर्शी ढंग से पूरा कार्य किया जाए। मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) नवदीप रिणवा का कहना है कि चुनाव आयोग की ओर से मतदाता सूची से नाम काटने के लिए की जा रही आपत्तियों की ढंग से निगरानी की जा रही है।
सूची से मृतकों तक के नाम पूरी जांच प्रक्रिया के बाद ही काटे जाने का प्राविधान है। सभी ईआरओ आपत्ति करने वाले व्यक्ति और संबंधित मतदाता जिसका नाम काटने के लिए फॉर्म-7 भरा गया है दोनों को नोटिस भेजकर बुलाया जा रहा है। अभी तक कुल 1.15 लाख मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से काटने के लिए आपत्तियां करते हुए फॉर्म-7 भरे गए हैं। छह फरवरी दावे व आपत्तियों की अंतिम तारीख है। ऐसे में कहां किस तरह एक करोड़ से अधिक नाम कटने जा रहे हैं। आरोप सही नहीं हैं। ............................... 1.15 लाख में से दलों ने भरे सिर्फ 234 फॉर्म-7 यूपी में अभी तक 1.15 लाख मतदाताओं के नाम सूची से कटवाने के लिए फॉर्म-7 भरे गए हैं। जिसमें से मात्र 234 ही राजनीतिक दलों की ओर से भरे गए हैं। बीजेपी ने 173, सपा ने 47, आप ने आठ व बसपा ने छह फॉर्म-7 भरे हैं। राजनीतिक दलों के 5.79 लाख बीएलए हैं और मतदाता सूची में नाम जुड़वाने के लिए अभी तक 47 लाख फॉर्म आए हैं और दलों ने सिर्फ 37 हजार फॉर्म ही भरवाए हैं।

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