लखनऊ हमले के लिए साकिब को दिया गया था बड़े इनाम का लालच
Lucknow News - -महिला ऑपरेटिव के लिंक की एटीएस जांच में जुटी लखनऊ, विशेष संवाददाता

लखनऊ, विशेष संवाददातायूपी एटीएस की जांच में खुलासा हुआ है कि गिरफ्तार किए गए संदिग्ध आतंकी साकिब को लखनऊ में हमले के लिए बड़े इनाम का प्रलोभन दिया गया था। उसे पाकिस्तानी हैंडलर ने माला-माल करने और एक महिला आपरेटर से मुलाकात का वादा किया था। यूपी एटीएस अब महिला आपरेटर के गहनता में तेजी से छानबीन में जुटी है।इस सप्ताह पहले गिरफ्तार किए गए चारों संदिग्ध आतंकियों साकिब उर्फ डेविड, अरबाब, विकास गहलावत उर्फ रौनक, लोकेश उर्फ पपला को तीन अप्रैल को गिरफ्तार किया था। उसको विशेष एटीएस अदालत ने पांच दिन की पुलिस रिमांड पर भेजा है। सोमवार को पुलिस रिमांड का दूसरा दिन था।
वरिष्ठ एटीएस अधिकारियों की मानें तो आरोपियों से पूछताछ और बरामद किए गए डिजिटल उपकरणों की फोरेंसिक जांच में सामने आया कि लखनऊ में हमले के लिए साबिक को बड़ा लालच दिया गया था। एटीएस सूत्रों के मुताबिक पाकिस्तान में बैठे हैंडलर अबू बकर साकिब के संपर्क में था। उसने साकिब को भरोसा दिया था कि वह लखनऊ में कोई बड़ा हमला अंजाम दे। अगर उसकी प्लानिंग सफल होती है तो उसे मोटी रकम के साथ एक बड़ा इनाम दिया जाएगा।जानकारी के मुताबिक एटीएस अब उस महिला ऑपरेटर के बारे में भी जांच कर रही है। यह पता लगाया जा रहा है कि महिला आपरेटर कहां की है। एटीएस को संदेह है कि महिला का पश्चिमी यूपी से ही ताल्लुक है। नतीजतन, बिजनौर, सहारनपुर, मेरठ, गाजियाबाद, शामली और मुरादाबाद में एटीएस की खुफिया टीमें लगाई गई हैं। साथ ही आंध्र प्रदेश व महाराष्ट्र में भी संपर्क किया गया है।हमले के बाद महिला आपरेटर से मिलना थाएटीएस के अधिकारियों ने बताया कि हमले के बाद साकिब को इस महिला ऑपरेटर से जोड़ने की बात कही गई थी। महिला ऑपरेटर के इस्तेमाल की संभावना की एटीएस बेहद गंभीरता से जांच कर रही है। एटीएस अधिकारी ने कहा कि यह स्थापित करने की कोशिश की जा रही है कि क्या यह वास्तव में कोई आपरेटर है या सिर्फ साकिब को उकसाने के लिए झूठ बोला गया था या फिर कोई कोड नाम का है या फिर कोई ऑनलाइन हैंडलर है।स्लीपर सेल होने का भी संदेहजांच एजेंसी को संदेश है कि यह एक बहु-स्तरीय स्लीपर सेल ढांचे का हिस्सा हो सकता है। जिसके जरिये रेकी के साथ ही हमले का कराने और हमले के बाद लॉजिस्टिक सहायता के लिए अलग से हैंडलर के रूप में तैनात किया गया हो। सूत्रों के अनुसार संदिग्ध आतंकियों की योजना थी कि वे लखनऊ में घटना को अंजाम देने के बाद महाराष्ट्र या आंध्र प्रदेश भाग जाएं। वहीं उनके रुकने के लिए मदद उपलब्ध कराने का इंतजाम कर दिया गया था।काल डिटेल के सहारे दोषियों तक पहुंचने की कोशिशएटीएस ने जब्त मोबाइल फोन से मिले कॉल डिटेल रिकॉर्ड, चैट, डिलीट की गई फाइलों और विदेशी संपर्क नंबरों की जांच भी तेज कर दी है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि साजिश के दूसरे चरण की तैयारी पहले ही शुरू हो चुकी थी या नहीं। जांचकर्ताओं को संदेह है कि छोटी स्तर की आगजनी की कुछ घटनाएं कथित तौर पर सीमा पार बैठे हैंडलरों को अपनी क्षमता दिखाने के लिए कराई गई थीं।
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