DA Image

अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

यूजीसी ने कार्यवाहक कुल सचिव को हटाने को कहा

विश्वविद्यालयय अनुदान आयोग (यूजीसी) ने बाबा साहेब भीमराव अम्बेडकर केन्द्रीय विश्वविद्यालय (बीबीएयू) प्रशासन को कार्यवाहक कुल सचिव प्रो. आरबी राम को हटाने के सम्बन्ध में कार्रवाई करने को कहा है। उन पर प्रशासनिक, अकादमिक और वित्तीय भ्रष्टाचार के तहत पूर्व कुलपति को गलत तरीके से लाखों का भुगतान करने और पद का दुरूपयोग कर अपने पुत्र और पुत्री को नौकरी देने का आरोप है। साथ ही प्रो. राम पर क्लास नहीं लेने का भी आरोप है।

आरटीआई एक्टीविस्ट हरिहर प्रसाद दीक्षित ने यूजीसी को पत्र लिखकर बीबीएयू के कार्यवाहक कुल सचिव प्रो. आरबी राम के खिलाफ शिकायत कर उन्हें हटाने की मांग की गई। इसमें श्री हरिहर प्रसाद ने कहा है कि प्रो. राम के संकेत पर तत्कालीन कुलपति प्रो. आरसी सोबती ने स्थाई ईमानदार कुल सचिव सुनीता चन्द्रा को हटा दिया। फिर प्रो. आरबी राम को कार्यवाहक कुल सचिव बना दिया। इसके बाद प्रो. सोबती के संरक्षकत्व में प्रो. राम की देखरेख पर शिक्षणेत्तर व शिक्षक के गठबंधन ने आर्थिक एवं आकदमिक भ्रष्टाचार किया गया। वह आज भी जारी है। उनकी शिकायत पर यूजीसी ने बीबीएयू से कहा है कि शिकायत पर प्रो.आरबी राम को कार्यवाहक कुल सचिव पद से हटाने के सम्बन्ध में अति शीघ्र कार्रवाई कर यूजीसी को अवगत कराए।

अवैधानिक रूप से प्रो. सोबती को किया 41 लाख से अधिक का भुगतान

हरिहर प्रसाद दीक्षित ने एमएचआरडी को बताया है कि जब वित्त अधिकारी रमाशंकर सिंह इस वर्ष 23 अप्रैल से 28 अप्रैल तक अवकाश पर थे, तो प्रो. सोबती ने प्रो. राम को अस्थाई वित्त अधिकारी बना दिया था। प्रो. राम ने अपने छह दिन के वित्त अधिकारी के कार्यकाल में 42 लाख 68 हजार तीन सौ 48 रुपए का अवैधानिक रूप से भुगतान कर दिया। इस भुगतान को लेकर वित्त अधिकारी रमा शंकर सिंह ने घोर आपत्ति व्यक्त की थी। साथ ही प्रो. राम की वजह से ही पूर्व कुलपति प्रो. आरसी सोबती द्वारा लिए गए करीब सवौ करोड़ रुपए के भुगतान की रिकवरी नहीं हो पा रही है।

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title:UGC asked to remove the caretaker s total secretary