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लखनऊपरिवार में दो लोगों की मौत खुद जीवन के लिए जूझ रहा, इलाज के पैसे नहीं

हिन्दुस्तान टीम,लखनऊPublished By: Newswrap
Tue, 25 May 2021 03:01 AM
परिवार में दो लोगों की मौत खुद जीवन के लिए जूझ रहा, इलाज के पैसे नहीं

लखनऊ | प्रमुख संवाददाता

परिवार में दो मौतें हो चुकी हैं। एक सदस्य जीवन के लिए जूझ रहा है। सरकारी अस्पताल के डॉक्टर कह रहे हैं कि आईसीयू में शिफ्ट नहीं किया तो बचना मुश्किल है। पिता फफक कर रो रहे हैं, अब परिवार में किसी को खोना नहीं चाहते लेकिन आईसीयू के लिए 40 हजार रुपए कहां से लाएं। यह व्यथा है लखनऊ के एक आम नागरिक की।

लोहिया अस्पताल के न्यू वार्ड बेड नम्बर 13 पर भर्ती 32 साल के रितेश कुमार सोनी को कोरोना संक्रमण में हालत बिगड़ने के बाद 27 अप्रैल को भर्ती कराया गया था। रितेश कृष्णानगर के एक मोटर गैराज में मैकेनिक हैं। पिता दिलीप कुमार सोनी गैस एजेंसी में डिलिवरी मैन हैं। पिछले माह कोरोना का कहर परिवार पर बरपा। इधर रितेश को अस्पताल पहुंचाया गया तो पीछे घर में दो दिन बाद ही 29 अप्रैल को उनकी चाची कोविड के कारण स्वर्ग सिधार गईं। अभी उनका शोक मनाया जा रहा था कि रितेश की 24 वर्षीय बहन आकांक्षा की हालत बिगड़ने लगी। दो मई को आकांक्षा ने भी दम तोड़ दिया। परिवार पूरी तरह से टूट चुका है। रितेश के पिता दिलीप हर चौखट पर मदद मांग चुके हैं। अपने सामने परिवार के एक और सदस्य के जीवन की डोर तिल-तिल कर हाथ से फिसलती देख रहे हैं। दिलीप के अनुसार लोहिया अस्पताल के डॉक्टर कह रहे हैं कि पहले दिन 35 से 40 हजार आईसीयू का खर्च आएगा। धीरे-धीरे खर्चा कम होगा। दिलीप ने कहा कि इतनी रकम कहां से लाएंगे।

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