अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

हनी ट्रैप के मामलों को जोड़ने की कोशिश

जबलपुर के लेफ्टिनेंट कर्नल का तार राजस्थान में हनी ट्रैप में फंसे वायुसेना के ग्रुप कैप्टन अरुण मारवाह से भी जुड़ सकता दोनों अधिकारियों से मिली सूचनाओं का खुफिया विभाग कर रहा विश्लेषणलखनऊ। प्रमुख संवाददातापाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई के हनी ट्रैप का शिकार हुए जबलपुर में तैनात सेना के लेफ्टिनेंट कर्नल का तार राजस्थान में हनी ट्रैपिंग में फंसे वायुसेना के ग्रुप कैप्टन अरुण मारवाह से भी जुड़ सकता है। ग्रुप कैप्टन व लेफ्टिनेंट कर्नल से मिली सूचनाओं का खुफिया विभाग विश्लेषण कर रहा है और नतीजे पर पहुंचने की कोशिश कर रहा है। दरअसल पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई के हनी ट्रैप में फंसने के बाद एयरफोर्स की खुफिया टीम ने वायुसेना के ग्रुप कैप्टन अरुण मारवाह को पूछताछ के लिए उठाया था। कुछ दिन बाद ही मध्य कमान की खुफिया टीम ने लेफ्टिनेंट कर्नल को पूछताछ के लिए उठाया है। वह जबलपुर के आर्मी बेस वर्कशॉप में तैनात थे। लेफ्टिनेंट कर्नल के आफिस से कम्प्यूटर सहित कई महत्वपूर्ण दस्तावेजों को जब्त कर फारेंसिक में जांच के लिए भेज दिया गया है। बुधवार को लेफ्टिनेंट कर्नल से लम्बी पूछताछ हुई थी जो गुरुवार को भी जारी रही। दोनों मामलों की जांच में लगी खुफिया टीमें आपस में जानकारियां साझा कर सकती हैं। क्योंकि दोनों मामले हनी ट्रैपिंग के हैं। सूत्रों का कहना है कि यदि दोनों मामले जुड़ गए तो बड़ा मामला सामने आ सकता है और इसकी कई परतें भी खुल सकती हैं। हालांकि इस मामले में सेना का कोई भी अधिकारी बोलने को तैयार नहीं है। सोशल मीडिया पर पैनी नजरहनी ट्रैप के दो मामले लगातार सामने आने पर सेना की खुफिया टीम की नजर सैन्य अधिकारियों के सोशल मीडिया एकाउंटों पर पैनी हो गई है। दिल्ली की विशेष टीम सैन्याधिकारियों के फेसबुक, ट्विटर, इंस्टाग्राम के एकाउंटों को बारीकी से देख रही है। सोशल मीडिया के इस्तेमाल को लेकर सेना की ओर से कई दिशा निर्देश पहले ही जारी हो चुके हैं। इसमें वर्दी में फोटो न डालने से लेकर सेना से जुड़ी कोई जानकारी साझा न करने का निर्देश दिया गया है। उधर प्रेस इंफॉर्मेशन ब्यूरो(डिफेंस विंग) की ओर से गुरुवार को जारी विज्ञप्ति में कहा गया है कि हनी ट्रैपिंग व मनी एक्सचेंज जैसी खबरें सिर्फ कयासों पर आधारित है। सेना से जुड़ी सूचना लीक करने के मामले में जबलपुर के आर्मी बेस वर्कशॉप में तैनात लेफ्टिनेंट कर्नल के खिलाफ जांच के आदेश दिए गए थे। जो अभी चल रही है। जांच रिपोर्ट आने पर मीडिया से जानकारी साझा की जाएगी।

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title:Try to add Honey Trap cases