उड़त गुलाल भरत पिचकारी राधा-मोहन ख्यालै होरी हो...
Lucknow News - गांवों में चल रहा फाग का अभ्यास लखनऊ, संवाददाता। शहर से लगे हुए

गांवों में चल रहा फाग का अभ्यास लखनऊ, संवाददाता। शहर से लगे हुए अहमामऊ व सरसवां गांव को शहरीकरण ने भले ही चारो तरफ से घेर लिया है, लेकिन ग्रामीणों ने अपनी परंपराओं को नहीं बदला है। सरसवां में ढोलक की थाप व मंजीरों की झंकार पर ग्रामीण फाग के अभ्यास में जुटे हैं। सोमवार को भी होली की मस्ती में गांव के बुजुर्ग व युवाओं ने उड़त गुलाल भरत पिचकारी राधा- मोहन ख्यालै होरी हो .... जैसे फाग गीतों से महफिल सजायी। बुजुर्गों ने बताया कि अहिमामऊ में दशकों से होली पर पारम्परिक फाग होता रहा है। फाग में ग्रामीण सूर व कबीर के पदों को भी गाते हैं।
भगवान राम व राधा कृष्ण की लीला वर्णन करते हुए फगुआ गाते हुए टोलियां निकलती हैं। वहीं होली के दिन एक तरफ जहां गलियों से फगुहारों की टोली निकलती है तो वहीं दूसरी तरफ छतों से बच्चे व महिलाएं अंबीर-गुलाल व रंग डालते हैं। अहिमामऊ निवासी गिरिजा शरण सिंह, संजय द्विवेदी, ओम प्रकाश सिंह, त्रिभुवन शर्मा, निशीथ शुक्ला व गिरिजा शंकर द्विवेदी बताते हैं कि हमारे गांव का फाग बहुत मशहूर है। दूर दराज से भी लोग यहां फाग को सुनने व देखने आते हैं। होली के दस दिन पहले से ही फाग का अभ्यास शुरू हो जाता है।
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