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लखनऊ

तीन-तीन चालान हो गए,वाहन मालिकों को पता तक नहीं

हिन्दुस्तान टीम,लखनऊPublished By: Newswrap
Thu, 17 Jun 2021 07:20 PM
तीन-तीन चालान हो गए,वाहन मालिकों को पता तक नहीं

परेशानी

वाहनों के डाटा फीडिंग में मोबाइल नंबर के कॉलम में भर दिया 9999999999 नंबर

ऑनलाइन ई चालान होने के बाद गाड़ी मालिकों के पास नहीं पहुंच रहा मैसेज

लखनऊ। कार्यालय संवाददाता

आरटीओ कर्मचारियों की लापरवाही से ट्रैफिक नियम तोड़ने वाले वाहन चालकों पर लगाम नहीं लग पा रही है। यातायात के नियम तोड़ने पर ई-चालान का मैसेज वाहन मालिकों के मोबाइल पर नहीं पहुंच रहा। कई वाहन चालक ऐसे हैं जिनके दो से तीन चालान कट चुके हैं लेकिन वे इससे अनभिज्ञ होकर बेरोक-टोक वाहन चला रहे हैं। वाहन मालिक जब वाहन के किसी काम के लिए आरटीओ जा रहे हैं तब कई ई चालान पेंडिंग दिखाई दे रहे हैं।

मामले की पड़ताल में सामने आया कि वर्ष 2013 के पहले लखनऊ के जिन 16 लाख वाहनों का डाटा फीड किया गया था उनमें एक चौथाई वाहनों के दस्तावेजों में मोबाइल नंबर ही नहीं थे। मोबाइल नंबर न होने के कारण ई-चालान का मैसेज वाहन स्वामियों तक नहीं पहुंच पा रहा है।

परिवहन एप में डाटा फीडिंग के दौरान मोबाइन नंबर के कॉलम में दस अंकों के मोबाइल नंबर के जगह 9999999999 अंक भर दिया गया है। नंबर न होने के कारण ई-चालान नहीं पहुंच पा रहा है। वाहनों के दस्तावेजों पर वाहन मालिक का पता भी अधूरा है। जैसे कई वाहन मालिकों पते में हजरतगंज लखनऊ लिखा है। ऐसी स्थिति में डाक से भी ई-चालान की रसीद भेजने में परेशानी हो रही है।

12 हजार 896 ई चालान लखनऊ में बीते एक साल किए गए

4 हजार 362 ई चालान का जुर्माना एक साल बाद भी नहीं जमा किया गया

वाहन मालिकों की परेशानी

ई चालान पेडिंग होने पर वाहन संबंधी किसी भी काम के लिए ऑनलाइन आवेदन नहीं कर सकेंगे

2013 के पहले खरीदे गए वाहनों के लिए आरटीओ में मोबाइल नंबर अपडेट कराना होगा

डाटा फीडिंग के दौरान वाहनों के दस्तावेजों में मोबाइल नंबर दर्ज नहीं हो सके। ऐसे में ऑनलाइन ई चालान के मैसेज लोगों तक नहीं पहुंचने की शिकायतें आ रही हैं। आरटीओ कार्यालय में प्रार्थना पत्र देकर मोबाइल नंबर अपडेट करा सकते है।

आरपी द्विवेदी

आरटीओ (प्रशासन) लखनऊ

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