Hindi NewsUttar-pradesh NewsLucknow NewsThree-Day Training Workshop for Police Officers on Effective Policing Begins with Tata Institute Collaboration
पुलिस बल में ट्रेनिंग को और अधिक महत्व देने की जरूरत-डीजीपी

पुलिस बल में ट्रेनिंग को और अधिक महत्व देने की जरूरत-डीजीपी

संक्षेप:

Lucknow News - पुलिस प्रशिक्षण निदेशालय ने टाटा इंस्टीट्यूट के सहयोग से तीन दिवसीय 'सक्षम पुलिसिंग' कार्यशाला की शुरुआत की। डीजीपी राजीव कृष्ण ने कहा कि पुलिस बल में प्रशिक्षण का महत्व बढ़ाना आवश्यक है। इस प्रशिक्षण से पुलिस कर्मियों को संवाद कौशल और आधुनिक तकनीकों से जुड़ी चुनौतियों का सामना करने में मदद मिलेगी।

Feb 03, 2026 07:02 pm ISTNewswrap हिन्दुस्तान, लखनऊ
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पुलिस प्रशिक्षण निदेशालय अफसरों को टाटा इंस्टीटयूट के सहयोग से प्रशिक्षण देगा तीन दिवसीय सक्षम पुलिसिंग प्रशिक्षण कार्यशाला शुरू लखनऊ, विशेष संवाददाता पुलिस बल को विशेष ट्रेनिंग देने के लिए प्रशिक्षण निदेशालय ने अफसरों को टाटा इंस्टीटयूट ऑफ सोशल साइसेंज के सहयोग से पुलिस मुख्यालय में तीन दिवसीय ‘सक्षम पुलिसिंग’ कार्यशाला की शुरुआत मंगलवार को की। इसमें डीजीपी राजीव कृष्ण ने कहा कि पुलिस बल में ट्रेनिंग को और अधिक महत्व देने की जरूरत है। सीखने की कोई एक्सपायरी डेट नहीं होती है। हर अधिकारी यूपी पुलिस का प्रतिनिधि है। उन्होंने कहा कि यह प्रशिक्षण संगठन और व्यक्तिगत जीवन दोनों को बेहतर बनाएगा।

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डीजीपी ने कहा कि दुनिया की सर्वश्रेष्ठ संस्थाओं और सुरक्षा बलों की सफलता का मुख्य कारण उनकी लगातार व उच्चकोटि की ट्रेनिंग है। इस ट्रेनिंग में शामिल 40 अफसरों का यह कहकर उत्साह भी बढ़ाया कि यूपी पुलिस के चार लाख कर्मियों में उन लोगों को चुना गया, यह गौरवपूर्ण अवसर है। उन्होंने अपील की कि इस प्रशिक्षण में पूरे मन, सकारात्मक दृष्टिकोण और खुले मन से शिरकत करें। इसे सिर्फ औपचारिकता न समझा जाए। ज्ञान और कौशल के साथ दृष्टिकोण और अच्छा व्यवहार भी जरूरी है। उन्होंने सीख दी कि जनता के साथ संवाद और व्यवहार ही पुलिस की छवि बनाते हैं। सत्र के पहले दिन महाकुम्भ और माघ मेला जैसे बड़े आयोजनों में यूपी पुलिस की भूमिका को पूरी दुनिया में सराहने की चर्चा भी हुई। भारत में पुलिसिंग चुनौती पूर्ण है, प्रशिक्षण जरूरी टाटा इंस्टीट्यूट के कुलपति प्रो. बद्री नारायण तिवारी ने कहा कि यूपी पुलिस दुनिया की सबसे बड़ी पुलिस सेवा है। भारत में पुलिसिंग चुनौतीपूर्ण है। ऐसे में इस तरह का प्रशिक्षण देना महत्वपूर्ण काम है। पुलिस प्रशिक्षण निदेशालय के डीजी राजीव सभरवाल ने कहा कि इस प्रशिक्षण कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य पुलिस कर्मियों को व्यवहार संवाद शैली और आधुनिक तकनीकी माध्यमों से जुड़ी चुनौतियों के सापेक्ष अधिक दक्ष बनाना है। इन विषयों को पहले ही आरक्षी, उपनिरीक्षक और डिप्टी एसपी के प्रशिक्षण कार्यक्रम में शामिल किया जा चुका है। इस मौके पर एडीजी प्रशिक्षण बीडी पॉलसन, आईजी प्रशिक्षण चन्द्र प्रकाश समेत कई अधिकारी मौजूद रहे। प्रशिक्षण कार्यक्रम के मुख्य बिन्दु -आत्म-जागरूकता, समाज और विविधता की समझ विकसित करना -प्रभावी मौखिक एवं गैर-मौखिक संचार -संचार कौशल -पुलिसिंग में लैंगिक एवं सांस्कृतिक संवेदनशीलता -तनाव प्रबंधन, संघर्ष समाधान, निर्णय लेने की क्षमता -एआई जागरूकता एवं डेटा संरक्षण -सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म का प्रबंधन -सोशल मीडिया पर शिकायत निवारण एवं प्रतिक्रिया -वास्तविक जीवन के मामलों के प्रदर्शन,चिंतन और फीडबैक के माध्यम से सीखना