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VIDEO: यह है राष्ट्रीय राजमार्ग, गड्ढों में ही चलती रहती है सड़क

रायबरेली जिले में एक ऐसा भी राष्ट्रीय राजमार्ग है जिससे गुजरने वाले को हिचकोले ही खाने पड़ते हैं। इन हिचकोलों के साथ सिर्फ 6 किलोमीटर का सफर पूरा करने में आधे घंटे से ज्यादा का वक्त लग जाता है।

यूपीए सरकार के दौरान सांसद सोनिया गांधी ने लालगंज से उन्नाव को जोड़ने वाले मार्ग को राष्ट्रीय राजमार्ग का दर्जा दिलाया था। सरकारी कागजों में इसे एनएच 232 के नाम से जानते हैं।

रायबरेली से उन्नाव की दूरी तकरीबन 95 किलोमीटर है और लालगंज से करीब 68 किलोमीटर। लालगंज से तकरीबन 3 किलोमीटर आगे बढ़ते ही इस राष्ट्रीय राजमार्ग से गुजरने वाले लोगों के लिए हिचकोले खाना मजबूरी बन जाती है। लालगंज से सेमरी के बीच यह राष्ट्रीय राजमार्ग गांव के किसी लिंक रोड से भी बदतर हालत में पहुंच चुका है। इस पर सिर्फ बड़े-बड़े गड्ढे ही मिलते हैं। कहीं-कहीं सड़क भी। कुछ जगह तो सड़क का नामोनिशान तक नहीं बचा है।

अफसर ध्यान देते तो राजमार्ग की यह हालत ना होती
देवली गांव मोड़ पर पान की दुकान चलाने वाले गुप्ता कहते हैं कि साल भर पहले यह सड़क ठीक-ठाक थी। धीरे-धीरे टूटना शुरू हुई तो अब यह हाल हो गया है।

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  • Web Title:This is the National Highway the road continues only in the pits