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महारैली में शामिल संठगन के नेताओं की बात

हिन्दुस्तान टीम,लखनऊNewswrap
Tue, 30 Nov 2021 10:05 PM
महारैली में शामिल संठगन के नेताओं की बात

कर्मचारी नेताओं के बोल

- जो पुरानी पेंशन दे हम उसके साथ जाएंगे

पुरानी पेंशन बहाली के लिए संघर्ष जारी है। अगर विधानसभा चुनाव की अधिसूचना जारी होने से पूर्व पुरानी पेंशन बहाल नहीं की जाती हैं तो राजनैतिक निर्णय लिया जाएगा। जो राजनैतिक पार्टी हमारे साथ लिखित में समझौता करेगी हम उस पार्टी को समर्थन देंगे।

-हरि किशोर तिवारी, प्रदेश अध्यक्ष, राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद

-छला हुआ महसूस कर रहे कर्मचारी

कर्मचारियों की समस्याओं का निराकरण की जगह सिर्फ आश्वासन ही मिले है। कोई सकारात्मक निर्णय कर्मचारियों के लिए नहीं लिया गया। कर्मचारियों की मांगों को अनसुना किया गया। इस महारैली से सरकार को सबक सिखना चाहिए।

प्रेम बरन सिंह, प्रदेश महामंत्री, राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद

-शिक्षकों के प्रति सरकार उदासीन

पुरानी पेंशन खत्म करने के साथ ही सरकार ने शिक्षकों के साथ और भी बहुत अन्याय किए हैं। प्रधानाध्यापकों के लाखों के पद खत्म कर दिए गए है। पिछले पांच वर्षों में एक भी शिक्षक को पदोन्नति नहीं मिली। शिक्षकों के प्रति सरकार उदासीनता दिखा रही है।

दिनेश चन्द्र शर्मा, प्रदेश अध्यक्ष,उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ

-चुनाव में विरोध में करेंगे

शिक्षक-कर्मचारियों को सरकार अनदेखा नहीं कर सकती है। लम्बे से हम लोग आन्दोलन कर रहे हैं लेकिन सरकार मांगे नहीं मान रही है। अगर शिक्षक-कर्मचारियों की मांगे नहीं मानी जाती है चुनाव में विरोध करना ही विकल्प बचेगा।

सुधांशु मोहन, जिलाध्यक्ष, उत्तर प्रदेश प्राथमिक शिक्षक संघ

-कर्मचारियों के हित में नहीं हुआ काम

कलेक्ट्रेट को विशेष प्रतिष्ठता प्रदान करते हुए ग्रेड वेतन बदलने की रिकमण्डेशन तीन साल से हो रखी है। शासन ने पत्र दिया था कि इसे में मंत्री परिषद में ले जाएंगे और जारी कर देंगे लेकिन आज ऐसा नहीं हुआ। कर्मचारियों के हित में एक काम नहीं हुआ।

सुशील कुमार त्रिपाठी, प्रदेश अध्यक्ष, उत्तर प्रदेश मिनिस्ट्रियल कलेक्ट्रेट कर्मचारी संघ

-परेशान हैं सभी कर्मचारी

कर्मचारी परेशान है। सरकार ने साढ़े चार तक कर्मचारियों की नहीं सुनी। उसी का आक्रोश अभी महारैली में दिखा है। लोग दूर-दूर से अपने खर्चे पर शामिल होने आए। सरकार को कर्मचारियों की मांगों पर प्राथमिकता से ध्यान देना चाहिए।

अरविन्द कुमार वर्मा, महामंत्री उत्तर प्रदेश मिनिस्ट्रियल कलेक्ट्रेट कर्मचारी संघ

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