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मां पटमेश्वरी मंदिर में बह रही कथा रसधार

 Mother, poteshwari, temple, story

1 / 3मां पटमेश्वरी मंदिर में बह रही कथा रसधार

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मेहनौन स्थित मां पटमेश्वरी देवी मंदिर में चल रही श्रीमद्भागवत सप्ताह ज्ञान महायज्ञ में अयोध्या धाम से आए कथा व्यास वशिष्ठ पीठाधीश्वर ब्रह्मर्षि डॉ रामविलास वेदान्ती ने कृष्ण के चरित्र का वर्णन किया। 
उन्होंने कहा कि एक बार कृष्ण बाल गोपाल के साथ गाय चराते समय सबके साथ भोजन करने लगे। यह देखकर ब्रह्मा जी चक्कर में पड़ गए कि ये कैसा ब्रह्म है, लोगों का उचचिष्ठ भोजन कर रहा है। उन्होंने कहा कि गोवर्धन पूजा के माध्यम से श्रीकृष्ण ने इंद्र अहंकार को दूर किया। इसके अलावा रास करते समय जब गोपियों को अहंकार हो गया तो भगवान अचानक अंतर्ध्यान हो गए तब गोपियों ने रोती हुई कृष्ण को कहा, गए मेरे नन्दलाल ,वेदर्दी तोहे दर्द न आवे चितवन में चितबस करि मेरो अब काहे को आंख चुरावे कहकर जंगल के पेड़ों से उनका पता पूछती हैं, तभी कन्हैया अचानक प्रकट होते हैं। 

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  • Web Title:The story flowing in the Mother Patmeshwari Temple