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अपने संसाधनों के सहारे सरकार ने पेश किया सबसे बड़ा बजट

- राज्य में आर्थिक व कारोबारी गतिविधियों में तेजी आने की उम्मीद - संपत्तियों...

अपने संसाधनों के सहारे सरकार ने पेश किया सबसे बड़ा बजट
हिन्दुस्तान टीम,लखनऊThu, 23 Feb 2023 09:35 PM
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-राज्य में आर्थिक व कारोबारी गतिविधियों में तेजी आने की उम्मीद

-संपत्तियों व वाहनों की खरीद-बिक्री में भी होगा इजाफा

लखनऊ। प्रमुख संवाददाता

प्रदेश को देश की सबसे तेजी से बढ़ती हुई अर्थव्यवस्था वाला राज्य बनाने में राज्य सरकार ने अपने संसाधनों पर अधिक भरोसा जताया है। अब तक का सबसे बड़ा व लोगों की उम्मीदों वाला बजट देने में सरकार के पीछे सरकार का मानना है कि राज्य की कारोबारी व आर्थिक गतिविधियों में 2023-24 में तेजी रहेगी। जिसके आधार पर राज्य कर के मदों में 41.78 फीसदी इजाफे का अनुमान किया गया है। चालू वित्तीय वर्ष के मुकाबले यह धनराशि 77396.02 करोड़ रुपये अधिक है। राज्य करों में इजाफे से यह माना जा रहा है कि नये वित्तीय वर्ष में राज्य में कारोबारी, आर्थिक गतिविधियों बहुत बेहतर रहेंगी। जेब में पैसा रहने पर लोग संपत्तियों की खरीद-बिक्री के साथ ही वाहनों की खरीद में अधिक रूचि लेंगे।

वैट, बिक्री व व्यापार तथा स्टांप कर से भरेगा खजाना

प्रदेश सरकार ने 2023-24 के बजट अनुमानों में राज्य सरकार के स्वयं के कर राजस्व की प्रमुख मदों में उत्साहजनक वृद्धि देख रही है। वैट के मद में 41.07 फीसदी, भू-राजस्व के मद में 295.77 फीसदी, स्टांप व पंजीकरण शुल्क के मद में 42.42, राज्य उत्पाद शुल्क में 40.27, बिक्री व्यापार कर में 32.49, वाहन कर में 44.48 तथा विद्युत कर व शुल्क में 173.22 फीसदी वृद्धि का अनुमान है। यह वृद्धि चालू वित्तीय वर्ष 2022-23 के पुनरीक्षित अनुमानों के मुकाबले है। चालू वर्ष में पुनरीक्षित अनुमान 185237.98 करोड़ का किया गया है। वहीं 2023-24 में राज्य को स्वयं के करों से 262634 करोड़ रुपये मिलने का अनुमान है।

करेत्तर राजस्व में 93 फीसदी से अधिक वृद्धि का अनुमान

राज्य के करेत्तर राजस्व जिसमें लोक निर्माण कार्य, प्रशासनिक सेवाएं, सामान्य सेवाएं, शिक्षा, खेलकूद, कला व संस्कृति, चिकित्सा व लोक स्वास्थ्य, फसल कृषि कर्म, वानिकी, सिंचाई बिजली, खनन, सड़क व सेतु, सड़क परिवहन से मिलने वाले करों व शुल्कों में भी 93.50 फीसदी वृद्धि का अनुमान है। करेत्तर राजस्व के रूप में 2023-24 में सरकार को 23790.77 करोड़ मिलने का अनुमान है चालू वित्तीय वर्ष में इस मद में 12294.74 करोड़ रुपये मिलने की उम्मीद ही है।

केंद्रीय करों में राज्यांश, सहायता और कर्ज में महज दो फीसदी का इजाफा

वहीं दूसरी तरफ केंद्रीय करों से मिलने वाले राज्यांश, सहायता अनुदान, कर्ज तथा अग्रिम के मद में महज 2.01 फीसदी की वृद्धि होने का अनुमान है। केंद्रीय करों में राज्यांश के मद में 7.95, केंद्र सरकार के सहायता अनुदान के मद में 9.27 फीसदी कम धनराशि मिलने का अनुमान किया गया है। केंद्र सरकार से कर्ज और अग्रिम के मद में 15.85 फीसदी अधिक धनराशि मिलने की उम्मीद है। चालू वित्तीय वर्ष 2022-23 में इस मद में मिलने वाले धनराशि का जो पुनरीक्षित अनुमान किया गया है वह 299357.65 करोड़ रुपये है। नये वर्ष 2023-24 में इस मद में 305379.89 करोड़ रुपये मिलने की उम्मीद है।

मदें---------------पुनरीक्षित अनुमान 2022-23---आय व्यय अनुमान 2023-24-----वृद्धि

राज्य वस्तु व सेवाकर----76709.80-----------------108212.00----------31502.41.07

भू-राजस्व------------243.07-------------------962.00-------------718.03

स्टांप व पंजीकरण-------24266.69-----------------34560.00-----------10293.31

राज्य उत्पाद कर--------42349.27-----------------58000.00-----------16650.73

बिक्री व्यापार कर-------31541.50------------------41788.00-----------10246.50

वाहन कर------------8770.55-------------------12672.00-----------3901.45

विद्युत कर व शुल्क-----2357.10--------------------6440.00-----------4082.90

योग---------------185237.98------------------262634.00---------77396.02

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(रुपये करोड़ में)

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