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बच्चे को अस्पताल छोड़ पिता फरार, डॉक्टर ने दिया नया जीवन

हिन्दुस्तान टीम,लखनऊNewswrap
Tue, 30 Nov 2021 10:10 PM
बच्चे को अस्पताल छोड़ पिता फरार, डॉक्टर ने दिया नया जीवन

लखनऊ। संवाददाता

बलरामपुर अस्पताल में गम्भीर बीमार 12 साल के बेटे को छोड़कर पिता फरार हो गया। डेढ़ साल हो गए अभी तक पिता नही लौटा। अस्पताल के हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. जीपी गुप्ता और स्वास्थ्य कर्मियों ने इलाज कर लड़के को नया जीवन दिया। अब वह फिर से अपने पैरों पर खड़ा होकर चलने लगा है। मंगलवार को ठीक होने के डॉक्टर ने छुट्टी कर दी और उसे घर जाने को कहा लेकिन लड़के ने घर जाने से मना कर दिया। डॉक्टर ने राजधानी के एक आश्रम में बुधवार को भेजेंगे। कोरोना कॉल में दीपक बलरामपुर अस्पताल में ही भर्ती रहा।

अस्पताल कर्मियों ने बताया कि हरदोई के नन्नापुरवा निवासी सुरेंद्र करीब डेढ़ साल पहले कुपोषण से पीड़ित बेटे दीपक को इलाज के लिए बलरामपुर अस्पताल लेकर आया था। बेटे को भर्ती कराकर पिता चला गया। कुपोषण की वजह से लड़के का शरीर सुख गया था। हाथ और पैर टेढ़े हो गए थे। अपने पैरों से वह चल भी नही पा रहा था। सबने मदद से इनकार कर दिया। हालांकि हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. जीपी गुप्ता ने उम्मीद नही हारी और बच्चे का इलाज किया। स्वास्थ्य कर्मियों ने भोजन उपलब्ध कराया। डॉ. गुप्ता ने इलाज के साथ फिजियोथेरेपी भी करायी। अस्पताल द्वारा इसे अनाथ आश्रम भेजने के कार्रवाई पूरी कर ली गई है। बुधवार को भेजा जाएगा।

भरपेट भोजन नहीं मिलने से हालत बिगड़ी

दीपक ने बताया कि पिता पेशे से बढ़ई हैं। माँ का निधन हो गया था। वह भी पिता का हाथ बटाता था लेकिन उसे कभी भरतपेट नहीं मिलता। पिता नशे का लती था। बेटे को ध्यान नही देता था। जिससे वह कमजोर हो गया। कुछ माह बाद पेट सूख गया। हड्डियां दिख रही थी। हाथ पैर पीले पड़ गए। चलने में दिक्कत होने पिता बलरामपुर अस्पताल लाये। यहां भर्ती कराकर चले गए। दोबारा कभी नही आये।

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