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3 जून, 2020|8:59|IST

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बिन बैंड बाजा दूल्हे दुल्हन ने लिये साथ फेरे,दिन में ही हुई विदाई

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आर्थिक संकट खड़े होने पर शादी टूटने की नौबत आई तो दूल्हे ने बिना दहेज की शादीनिगोहा। हिन्दुस्तान संवादन दहेज न बैंड बाजा न गाड़ी न गोडा पंडित सहित 17 लोग शादी में शामिल हुए और दिन में ही दोनो ने साथ फेरे लिये।और माँ ने बेटी को दिन में ही आशीर्वाद देकर विदा किया। वही शनिवार शाम को घर पहुची।वही सास ने दुल्हन की आरती उताकर स्वागत किया।लाकडाउन के संकट में हुई इस शादी की हर किसी ने सराहना की।हरिहर पुर पटसा निगोहा की विधवा संतोषी ने अपने बेटे दिवाकर की शादी निगोहा के ही भजनमऊ की निराश्रित महिला मिथलेश की बेटी बीनू से तय किया था। इसी के बाद लाकडाउन का संकट खड़ा हुआ तो दोनों परिवारों पर आर्थिक संकट आ गया।एक बार तो शादी टलने की नौबत आ गई पर लड़के दिवाकर व उनकी मां ने कहा शादी हम इसी लड़की से करेंगे । शादी में हमे कोई दान दहेज नही लेंगे इस पर लड़की वाले भी राजी हो गए।शनिवार को दिवाकर गांव के मोनू शुक्ला, मोनू शुक्ला,महेंद्र यादव, शिवकुमार, विमल मिश्रा दूल्हे की बहन रोली व बहनोई अनिल सहित 17 लोगों की मौजूदगी में दूल्हा-दुल्हन ने साथ फेरे लिए। इसके बाद मा ने बेटी को रुंधे गले और आँखों मे आंसुओ के साथ विदा किया। पटसा में दिवाकर की माँ ने बहू और बेटे की आरती उताकर कर स्वागत किया।

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  • Web Title:The bridegroom the bridegroom took off without band farewell on the day itself