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स्वाइन फ्लू से बचाव के लिए शहर के मॉल में फैलाएंगे जागरुकता

- शहर के नौ मॉल में 14 से 28 फरवरी तक स्वास्थ्य कर्मचारी लोगों को करेंगे जागरुक - स्कूल-कॉलेजों में बच्चों को बताएंगे बचाव के तरीके, शिक्षकों को भी प्रशिक्षण देंगे लखनऊ। निज संवाददाता स्वाइन फ्लू के बढ़ते खतरे और मरीजों की संख्या में इजाफा होते देख स्वास्थ्य महकमा अब जागा है। अभी तक स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी और कर्मचारी कमरों से बाहर नहीं निकल रहे थे। अब ठाना है कि मॉल, स्कूल-कॉलेजों के साथ स्वाइन फ्लू वाले प्रभावित इलाकों में जागरुकता और बचाव के तरीके लोगों को बताएंगे। इसके लिए गुरुवार से राजधानी के नौ मॉल में कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है, जो कि पूरे फरवरी माह वहां आने वाले लोगों को बचाव के बारे में बताएंगे। वहीं, स्कूलों के शिक्षकों को भी प्रशिक्षण दिया जाएगा। सहारागंज समेत नौ मॉल शामिल सीएमओ डॉ. नरेंद्र अग्रवाल ने बताया कि 14 से 28 फरवरी तक रोजाना दोपहर 12 से शाम सात बजे तक 14 कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई है। यह कर्मचारी मॉल में आने वाले लोगों को स्वाइन फ्लू से बचाव के तरीके बताएंगे। प्रचार सामग्री बांटेंगे। इन नौ मॉल में सहारागंज, फन रिपब्लिक, वेव मॉल, फीनिक्स, आईनॉक्स रिवर साइड, वन अवध सेंटर, एसएसआर, ईस्ट एंड मॉल और सिंगापुर मॉल शामिल है। बीएसए ने भेजा पत्र बेसिक शिक्षा अधिकारी डॉ. अमर कांत सिंह ने सभी एबीएसए को पत्र भेजा है। इसमें विद्यालयों में स्वाइन फ्लू की रोकथाम के लिए नोडल शिक्षकों को दिशा-निर्देश दिया है। इन नोडल शिक्षकों को स्वाइन फ्लू प्रशिक्षण के साथ ही बच्चों, अभिभावकों को बचाव के तरीके बताने होंगे। बच्चों पर खासी नजर भी रखनी होगी। किसी बच्चे में स्वाइन फ्लू जैसे लक्षण, बुखार, जुकाम, खांसी आदि की शिकायत पर तुरंत जांच कराने के लिए निर्देश दिए हैं। लक्षणस्वाइन फ्लू में मरीज को सर्दी, जुकाम, गले में खरास एवं बुखार होता है। आंखों में तेज जलन, पानी आता है। गले में दर्द के साथ सांस लेने में तकलीफ होती है। यह बरतें सावधानी - छींकते समय टिशू पेपर से नाक को ढके, फिर उस पेपर को कचरे में फेंकने के बजाए सावधानी से नष्ट कर दें। - हाथों को लगतार साबुन से धोते रहें। घर, ऑफिस के दरवाजों के हैंडल, कीबोर्ड, मेज आदि साफ करते रहे। - यदि आपको जुकाम के लक्षण दिखाई देते हैं तो घर से बाहर ना जाएं। दूसरों के नजदीक न जाएं। - यदि आपको बुखार आया हो तो उसके ठीक होने के 24 घंटे बाद तक घर पर रहें। लगातार पानी पीते रहे, जिससे डिहाईड्रेशन न हो सके। - जहां तक संभव हो फेसमास्क पहनें। इन्हें है अधिक खतरा- जिन्हें सांस की बीमारी दमा है। - जो लोग दिल, लिवर, न्यूरोलॉजी की बीमारी है। - जिन लोगों को डायबिटीज है, उन्हें ज्यादा खतरा। - गर्भवती महिलाओं, पांच वर्ष से कम उम्र के बच्चों को दिक्कत।

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  • Web Title:swine flu