
विभूति वंदन, पूजन व आरती के बीच मनाया स्वामी गोविंददेव गिरि का जन्मदिन
Lucknow News - गीता परिवार ने सोमवार को स्वामी गोविंददेव गिरि महाराज का 77वां जन्मदिवस श्रद्धा से मनाया। कार्यक्रम में विभिन्न धार्मिक अनुष्ठान हुए, जिसमें भागवत गीता का पठन और गुरु पूजन शामिल था। स्वामी जी ने कहा कि अपने कर्म उत्तम रीति से करने वाला ही भगवद् कृपा का अधिकारी होता है।
अपने कर्म उत्तम रीति से करने वाला ही भगवद् कृपा का अधिकारी होता है : स्वामी गोविंददेव गिरि लखनऊ, संवाददाता। गीता परिवार की ओर से सोमवार को श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष व गीता परिवार के संस्थापक स्वामी गोविंददेव गिरि महाराज का 77 वां जन्मदिवस श्रद्धा व भक्तिभाव के साथ मनाया गया। इस अवसर पर शास्त्री नगर स्थित श्रीदुर्गा जी मंदिर के कल्याणकारी आश्रम में विभूति वंदन कार्यक्रम का शुभारंभ स्वामी जी, राजेंद्र गोयल, ताराचंद्र अग्रवाल, डॉ आशु गोयल, अनुपम मित्तल, रजनीश अरोड़ा, आशीष ने दीप प्रज्ज्वलन से किया। भागवत गीता के 12वें अध्याय का पठन, श्रीकृष्ण गोविंद हरे, गोविंद देवाष्टक, 77 गुणों का गीत व गुरुपूजन किया गया।
स्वामी गोविन्ददेव गिरि का स्वागत शंख, घंटा घड़ियालों की ध्वनि, पुष्प वर्षा व वेदों के उद्घोषों के बीच किया गया। पूजन तिलक, माल्यार्पण, अंगवस्त्र व सुवाक्य पुस्तक भेंट की गई। 77 दीपों से गुरुजी की आरती की गई। स्वामी गोविंददेव गिरि ने कहा कि अपने कर्म उत्तम रीति से करने वाला ही भगवद् कृपा का अधिकारी होता है। भगवद्भक्ति सर्वोपरि यही समस्त वेदों का निष्कर्ष है। इस अवसर पर गीता परिवार के अंतरराष्ट्रीय कोषाध्यक्ष डॉ आशु गोयल, सचिव अनुराग पांडेय, रजनीश अरोड़ा, प्रदीप कुमार, पंकज अग्रवाल, अरविंद शर्मा, अनुराग पांडेय, श्याम बिहारी समेत गीता परिवार के सैकड़ों कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

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