लखनऊ में अविमुक्तेश्वरानंद का आगमन, गो-प्रतिष्ठा जनजागरण अभियान का शंखनाद आज

Mar 10, 2026 09:18 pm ISTNewswrap हिन्दुस्तान, लखनऊ
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Lucknow News - स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती मंगलवार को लखनऊ पहुंचे। 11 मार्च से गो-प्रतिष्ठा जनजागरण अभियान की शुरुआत करेंगे। उन्होंने हनुमान सेतु मंदिर में दर्शन किए। कार्यक्रम में शंकराचार्य गो-प्रतिष्ठा धर्मयुद्ध का शंखनाद करेंगे। प्रशासन ने 26 शर्तों के साथ अनुमति दी है। अभियान गोहत्या रोकने के लिए जारी रहेगा।

लखनऊ में अविमुक्तेश्वरानंद का आगमन, गो-प्रतिष्ठा जनजागरण अभियान का शंखनाद आज

स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती मंगलवार को लखनऊ पहुंचे। यहां से वह 11 मार्च से प्रस्तावित तीन दिवसीय गो-प्रतिष्ठा जनजागरण अभियान की शुरुआत करेंगे। लखनऊ आगमन पर उन्होंने सबसे पहले हनुमान सेतु मंदिर में हनुमान जी के दर्शन किए और आशीर्वाद लिया। इसके बाद वे कार्यक्रम स्थल के लिए रवाना हो गए। आयोजकों के अनुसार 11 मार्च को शीतला अष्टमी के अवसर पर आशियाना क्षेत्र स्थित कांशीराम स्मृति सांस्कृतिक स्थल, पासी किला चौराहा के निकट दोपहर सवा दो बजे से शाम पांच बजे तक मुख्य सभा आयोजित होगी। इस दौरान शंकराचार्य गो-प्रतिष्ठा धर्मयुद्ध का औपचारिक शंखनाद करेंगे और श्रद्धालुओं को संबोधित करेंगे। कार्यक्रम में संत-समाज, विभिन्न सामाजिक संगठनों तथा बड़ी संख्या में गोभक्तों के शामिल होने की संभावना जताई जा रही है।प्रशासन

की 26 शर्तों के साथ मिली अनुमतिकार्यक्रम के लिए प्रशासन ने 26 शर्तों के साथ अनुमति प्रदान की है। इनमें धर्म, जाति, संप्रदाय या भाषा के विरुद्ध भड़काऊ भाषण न देने, किसी राजनीतिक अथवा धार्मिक व्यक्ति के विरुद्ध अमर्यादित टिप्पणी न करने, हथियार और आतिशबाजी पर पूर्ण प्रतिबंध और ध्वनि प्रदूषण के निर्धारित मानकों का पालन करने जैसी शर्तें शामिल हैं।इसके अलावा रात 10 बजे से सुबह 6 बजे तक ध्वनि प्रसारण बंद रखने, सीमित संख्या में वाहनों के प्रवेश, सार्वजनिक स्थानों पर वाहन खड़ा न करने और आवश्यक विभागीय अनुमतियां लेने के निर्देश भी दिए गए हैं। साथ ही आयोजन स्थल का किराया, पुलिस बल की व्यवस्था तथा अन्य खर्च आयोजकों को स्वयं वहन करना होगा। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि किसी भी शर्त के उल्लंघन पर अनुमति स्वतः निरस्त मानी जाएगी।“योगी राज में भी धर्म के लिए जजिया देंगे”प्रशासन की शर्तों पर प्रतिक्रिया देते हुए स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा कि जैसे योगी आदित्यनाथ ने कुछ शर्तें तय की हैं, वैसे ही उनकी भी शर्त है कि वे इस अभियान में रुक नहीं सकते और थक नहीं सकते। उन्होंने कहा कि जब तक देश में गोहत्या पूरी तरह बंद नहीं होती, तब तक यह जनजागरण अभियान चलता रहेगा।स्थान किराया और अन्य शुल्क आयोजकों द्वारा देने की शर्त पर उन्होंने कहा कि मुगल शासन में भी हम जजिया कर देकर अपने धर्म का पालन करते थे। आज योगी राज में भी यदि धर्म के कार्य के लिए जजिया देना पड़े, तो हम वह भी देंगे। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यह आयोजन किसी राजनीतिक दल के समर्थन या विरोध के लिए नहीं है। उनके अनुसार हिंदू और गौभक्त हर दल में हैं और जो भी व्यक्ति गौ-रक्षा के लिए आगे आना चाहता है, उसका स्वागत है। शंकराचार्य की यह यात्रा काशी से शुरू होकर कई जनपदों से होते हुए लखनऊ पहुंची है, जिसका उद्देश्य समाज में गौ-संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाना बताया गया है।

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