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सुलतानपुर: पूर्व विधायक अरुण प्रताप सिंह का निधन


पूर्व विधायक भाजपा नेता अरुण प्रताप सिंह का लम्बी बीमारी कें चलते रविवार के तड़के लखनऊ में निधन हो गया। दो बार विधायक रहे श्री सिंह आमजनता मे बेहद लोकप्रिय रहे। निधन के समाचार से प्रशंसकों में शोक की लहर दौड़ गयी है।                                  
चांदा थाना क्षेत्र के देवाढ गांव निवासी अरुण प्रताप सिंह की प्रारम्भिक शिक्षा गांव के ही बगल प्राथमिक विद्यालय शाहपुर में तथा जूनियर की पढाई सफीपुर में हुई। इसके बाद हाईस्कूल व इंटरमीडिएट नेशनल इंटर कालेज कादीपुर में पूरी करके गोरखपुर विश्वविद्यालय से दर्शनशास्त्र में परास्नातक की डिग्री हासिल की। छात्र जीवन से ही रास्ट्रीय स्वंय सेवक संघ से जुड़ाव की वजह से उन्हें संघ द्वारा कई महत्वपूर्ण पदों की जिम्मेदारी भी दी गई। उनके पिता चन्द्र प्रताप सिंह किसान थे। वे सात भाइयो में सबसे छोटे थे ।             
 संघ में मजबूत पकड़ के चलते व उनके व्यवहार सरल सहज स्वभाव को देखते हुए उन्हें भारतीय जनता पार्टी ने 1991 में चांदा विधानसभा से उम्मीदवार बनाया और वे विजयी भी रहे। दूसरी बार पुनः 1996 से 2001 तक चांदा से भाजपा से विधायक रहे। काफी सहज व मिलनसार स्वभाव के चलते वे क्षेत्र के लोगो में अपनी मजबूत पकड़ रखते थे। 
 उन्होंने वर्ष 2012 में भाजपा से मोहभंग होने के चलते समाजवादी पार्टी का दामन थाम लिए। परन्तु 2015 तक ही उसमे रह सके। इसके बाद  पुनः भाजपा में वापसी की। 2017 के विधानसभा चुनाव तक वे पूरी तरह पार्टी में सक्रिय रहे। इसके बाद उनकी तबियत खराब रहने लगी। 

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  • Web Title:Sultanpur: Former MLA Arun Pratap Singh passes away