DA Image

अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

सुलतानपुर : जिलाधिकारी और नगर पालिका अध्यक्ष में ठनी 

नगर पालिका में ठेकेदारों के पंजीयन/नवीनीकरण को लेकर चल रहे विवाद में शासन के स्पष्ट आदेश के बाद भी चेयरमैन अड़ गईं हैं। उन्होंने संविधान व्यवस्था और कोर्ट के आदेश पर विचार करने की जिलाधिकारी को नसीहत दी है। याद दिलाया है कि नपा स्वायत्तशासी संस्था है। उधर,जिलाधिकारी विवेक की ओर से शासनादेश का हवाला देते हुए नगर पालिका के ठेकेदारों का पंजीकरण रद करने की कवायद शुरू कर दी है। 
जिलाधिकारी की ओर से मांगे गए मार्गदर्शन पर शुक्रवार को शासन की ओर से (नगर विकास अनुभाग नौ) विशेष सचिव ने डीएम विवेक को शासनादेश भेजा है। उसमें स्पष्ट किया गया है कि चालू सत्र में नगर पालिका के ठेकेदारों के पंजीयन/नवीनीकरण में गड़बड़ी  की गई है। उसका पंजीयन नए सिरे से किया जाए। 
 पत्रकारों से बातचीत करते हुए नपा चेयरमैन बबिता ने बताया किनपा बाईलाज व कोर्ट के आदेशों का हवाला देते हुए एक मांग पत्र डीएम को दिया गया है। कार्य गुणवत्ता का दायित्व नपा का है। शासन ने डीएम को सिर्फ उसपर दृष्टि रखने को अधिकृत किया है।
शौचालयों के लिए कराया गया टेंडर: ठेकेदारों के विवादों का निस्तारण किए बिना ही पालिका प्रशासन की ओर से 10 शौचालयों के निर्माण का टेंडर कराया गया। ईओ रवीन्द्र कुमार ने बताया कि शासनादेश देर से मिला है। निविदा की तिथि पहले से तय थी। पर, ठेका फाइनल नहीं किया गया है। उन्होंने कहा कि शासन के आदेश का पालन किया जाएगा। इसके बाद ही कोई ठेका फाइनल होगा।  

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title:Sultanpur: dispute beatbeen District Magistrate and the Municipality President