
प्रदेश में उर्वरकों की पर्याप्त उपलब्धता, सहकारी समितियां समय पर खुलें-गोयल
Lucknow News - पराली जलाने पर रोक के लिए ठोस कदम उठाने को कहा ठंडक को
मुख्य सचिव एसपी गोयल ने कहा कि प्रदेश में खाद की पर्याप्त उपलब्धता है। इसलिए किसानों को खाद उपलब्ध कराने के लिए सभी सहकारी समितियां निर्धारित समय पर खुले और विक्रय केंद्र पर खाद का पूरा कोटा रहे। मुख्य सचिव ने ऐसे ही कई निर्देश बुधवार को वीडियो कांफ्रेंसिंग से जिलाधिकारी और मंडलायुक्तों को दिए। मुख्य सचिव ने कहा कि जिन जिलों में पराली जलाने की घटनाएं ज्यादा हो रही हैं, वहां किसानों को इसके विकल्पों के प्रति जागरूक करने के लिए अभियान चलाया जाए। इसके बाद भी नियमों का उल्लंघन होने पर सख्त कार्रवाई की जाए। उन्होंने गोवंश संरक्षण के संबंध में भी निर्देश दिए कि 30 नवीन वृहद गोसंरक्षण केंद्रों के लिए हर जिले में एक-एक हेक्टेयर भूमि शीघ्र चिह्नित कर पशुपालन विभाग को उपलब्ध कराया जाए।
साथ ही हर मंडल में एक-एक मॉडल गौशाला विकसित करने के लिए भी जमीन चिह्नित की जाए। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि सभी गो-आश्रय स्थलों में कर्मचारियों की उपस्थिति, चारा-पानी की नियमित उपलब्धता तथा क्रियाशीलता की कड़ी निगरानी रखी जाए। निराश्रित गोवंश के भरण-पोषण के लिए 50 रुपये प्रतिदिन की दर निर्धारित की गई है। उन्होंने कहा कि जैविक खाद की जगह पराली संग्रहण अभियान एक नवंबर से शुरू हुआ था, जो 15 दिसंबर तक चलेगा। इस अभियान को बड़ा रूप दिया जाए जिससे पराली जलाने की घटनाओं को रोकने में भी मदद मिलेगी। ईंट भट्ठों से शुल्क जमा कराया जाए उन्होंने खनन विभाग की समीक्षा के दौरान कहा कि जिलों में चल रहे ईंट भट्टों से विनियमन शुल्क प्राथमिकता के साथ जमा कराया जाए। साधारण मिट्टी के आवेदनों का समयबद्ध निस्तारण किया जाए। बैठक में प्रमुख सचिव पशुधन मुकेश मेश्राम, प्रमुख सचिव सहकारिता सौरभ बाबू, सचिव भूतत्व एवं खनिकर्म माला श्रीवास्तव, सचिव कृषि इंद्र विक्रम सिंह समेत कई अधिकारी मौजूद रहे।

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