रोबोटिक सर्जरी कर मासूम को दिया नया जीवन, केजीएमयू पीडियाट्रिक सर्जरी विभाग के डॉक्टरों ने किया ऑपरेशन

हिन्दुस्तान, लखनऊ
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लखनऊ के केजीएमयू पीडियाट्रिक सर्जरी विभाग के डॉक्टरों ने सात साल के श्रेयांश यादव की जटिल रोबोटिक सर्जरी की। बच्चा लेफ्ट इंग्वाइनल हर्निया से परेशान था। सर्जरी के बाद बच्चे को बहुत कम दर्द हुआ और वह जल्दी ठीक हो गया। यह विभाग की दूसरी रोबोटिक सर्जरी थी।

रोबोटिक सर्जरी कर मासूम को दिया नया जीवन, केजीएमयू पीडियाट्रिक सर्जरी विभाग के डॉक्टरों ने किया ऑपरेशन

लखनऊ, वरिष्ठ संवाददाता। केजीएमयू पीडियाट्रिक सर्जरी विभाग के डॉक्टरों ने सात साल के मासूम की जटिल रोबोटिक सर्जरी कर दिक्कतों से निजात दिलाने में कामयाबी हासिल की है। बच्चा लेफ्ट इंग्वाइनल हर्निया की चपेट में था। यह एक ऐसी समस्या है जिसमें पेट के अंदर का हिस्सा (जैसे आंत या चर्बी), मांसपेशियों में कमजोरी की वजह से बाईं तरफ जांघ के ऊपर कूल्हे के पास से बाहर की ओर उभर आता है। इसकी वजह से आंतों के फंसने संबंधी परेशानी हो सकती है। कृष्णानगर स्थित एलडीए कॉलोनी निवासी मासूम श्रेयांश यादव लेफ्ट इंग्वाइनल हर्निया से परेशान था। इसमें मरीज के पेट की दीवार में एक कमजोर जगह बन गई थी।

जहां गांठ या सूजन जैसा बाहर दिखने लगा था। यह सूजन खड़े होने, खांसने या वजन उठाने पर ज्यादा दिखती है। लेटने पर अक्सर अंदर चली जाती है। मरीज को हल्का दर्द या खिंचाव महसूस होता था। वजन उठाने या खांसने पर परेशानी बढ़ जाती थी।परिवारजनों ने मरीज को कई अस्पतालों में दिखाया। फायदा नहीं हुआ। कई डॉक्टरों ने ओपन सर्जरी की सलाह दी। लेकिन वह काफी महंगी थी। परिवारजन मरीज को लेकर केजीएमयू पीडियाट्रिक सर्जरी विभाग पहुंचे। यहां विभागाध्यक्ष डॉ. जेडी रावत ने बच्चे को देखा। जरूरी जांच कराई। डॉ. जेडी रावत ने बताया कि मरीज को बाईं तरफ अंडकोश में हर्निया था। इससे मरीज की आंतें उलझने की भी दिक्कत हो सकती थी। डॉ. रावत ने रोबोटिक सर्जरी की सलाह दी। पिता राजीव कुमार यादव ऑपरेशन के लिए राजी हो गए। 10 मार्च को भर्ती किया गया। 16 मार्च को रोबोटिक सर्जरी की गई।डॉ. जेडी रावत ने बताया कि रोबोटिक सर्जरी की विशिष्ट तकनीक के चलते बच्चे को बहुत कम दर्द हुआ। ऑपरेशन के बाद तेज रिकवरी हुई। ऑपरेशन के अगले दिन ही बच्चा उठकर चलने-फिरने लगा। उन्होंने बताया कि अत्याधुनिक रोबोटिक सर्जरी में मरीज को लगभग 60 हजार रुपये का खर्च आया। जो कि अन्य जगहों की तुलना में कई गुना कम है। यह पीडियाट्रिक सर्जरी विभाग द्वारा की गई दूसरी रोबोटिक सर्जरी थी।यह है रोबोटिक सर्जरी टीम के सदस्यसर्जिकल टीम में डॉ. जेडी रावत, डॉ. आनंद पांडेय, डॉ. गुरमीत सिंह, डॉ. मनीष राजपूत, डॉ. अमोल अग्रवाल थे। डॉ. विनीता सिंह व डॉ. नीलकमल की टीम ने एनेस्थीसिया दिया। नर्सिंग ऑफिसर रीता, संजय, आकाश ने टीम की मदद की।

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