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24 अक्तूबर, 2020|2:23|IST

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छात्र ने नहर में लगाई छलांग

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लखनऊ। हिन्दुस्तान संवादआर्थिक तंगी और पारिवारिक कलह से परेशान होकर चौबीस घंटे में सजायाफ्ता कैदी समेत चार लोगों ने खुदकुशी कर ली। हादसों की सूचना पर पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा है।मलिहाबाद खडौहा निवासी मिथिलेश कुमारी (55) का शव गुरुवार सुबह आम के बाग में लटका मिला। बेटे योगेश के मुताबिक मां अवसाद में रहती थी। गुरुवार सुबह वह घर से बिना बताए चली गईं थीं। दोपहर एक बजे करीब मचौरा देवी मंदिर के पास मिथिलेश का शव पेड़ से लटकता मिला। वहीं, गोसाईंगंज निवासी अमरजीत रावत (50) का शव गुरुवार सुबह फंदे से लटका मिला। इंस्पेक्टर धीरेंद्र कुशवाहा ने बताया कि अमरजीत वर्ष 2004 में हत्या के आरोप में जेल गया था। उसे आजीवन कारावास की सजा हुई थी। वर्ष 2015 में वह पेरोल पर रिहा हुआ था। बुधवार को अमरजीत की पत्नी बेटी की ससुराल गई हुई थी। इस बीच अमरजीत ने साड़ी का फंदा बना कर फांसी लगा ली। घर लौटने पर पत्नी ने शव लटकता देख पुलिस को सूचना दी। इसके अलावा मड़ियांव फैजुल्लागंज निवासी कुंवर बहादुर सिंह (50) का शव गुरुवार सुबह चादर से लटकता मिला। इंस्पेक्टर विपिन सिंह ने बताया कि कुंवर बहादुर पुरनिया के पास फूल की दुकान चलाता था। पत्नी विनीता से उसकी कहासुनी हुई थी। पारिवारिक कलह की वजह से खुदकुशी करने की आशंका है।सुसाइड नोट लिख पिता से मांगी माफीचिनहट रहमानपुर स्थित हास्टल में बुधवार रात बहराइच निवासी मोहित सिंह (25) ने फांसी लगा ली। गुरुवार सुबह कमरे में शव लटकते देख पुलिस को सूचना दी गई। इंस्पेक्टर धनंजय पाण्डेय ने बताया कि मोहित सीमेंट एजेंसी में सुपरवाइजर था। कमरे से सुसाइड नोट मिला है। जिसमें मोहित ने पिता से माफ करने की बात लिखने के साथ ही खुद को मौत का जिम्मेदार बताया है।