Hindi NewsUttar-pradesh NewsLucknow NewsStudent Attempts Suicide After Posting Distressing Video on Instagram Police Rescues Him in Time
इंस्टा पर रोते हुए वीडियो डाला, फिर खा ली गोलियां; 5 मिनट में पहुंची यूपी पुलिस

इंस्टा पर रोते हुए वीडियो डाला, फिर खा ली गोलियां; 5 मिनट में पहुंची यूपी पुलिस

संक्षेप:

Lucknow News - एक छात्र ने नीट परीक्षा की तैयारी के दौरान इंस्टाग्राम पर रोते हुए वीडियो पोस्ट किया और नींद की गोलियां खा लीं। पुलिस ने उसे पांच मिनट में खोज निकाला और अस्पताल ले जाकर उसकी जान बचाई। छात्र की काउंसिलिंग के बाद उसे आत्महत्या के विचार से बाहर निकाला गया है।

Sat, 29 Nov 2025 06:42 AMNewswrap हिन्दुस्तान, लखनऊ
share Share
Follow Us on

मेडिकल प्रवेश परीक्षा (नीट) की तैयारी कर रहे एक छात्र ने इंस्टाग्राम पर रोते हुए वीडियो डाला और नींद की गोलियां खा लीं। एक दोस्त, युवती और घरवालों को खुश रहने की बात करते रात 08:11 बजे वीडियो पोस्ट करते ही मेटा से इंस्पेक्टर वजीरगंज राजेश त्रिपाठी को अलर्ट मिला। उन्होंने पुलिस टीम को लगाकर लोकेशन के आधार पर पांच मिनट के अंदर छात्र को खोज निकाला और अस्पताल पहुंचकर उसकी जान बचा ली। जानकारी होने पर छात्र के परिवारीजनों ने इंस्पेक्टर और उनकी टीम का आभार व्यक्त किया है। इंस्पेक्टर के मुताबिक छात्र मूल रूप से बिहार के औरंगाबाद जिले का रहने वाला है। उसके पिता व्यवसायी हैं। छात्र यहां वजीरगंज क्षेत्र में रहकर नीट की तैयारी कर रहा है। रात 08 बजकर 11 मिनट पर मेटा से वीडियो का अलर्ट मिला था।

LiveHindustan को अपना पसंदीदा Google न्यूज़ सोर्स बनाएं – यहां क्लिक करें।

वीडियो में छात्र अपने दोस्त का नाम लेते हुए कह रहा है कि घरवालों का ध्यान रखना। किसी को कुछ बताना नहीं तुम्हें मेरी कसम है। जिसके लिए जितना करो उतना कम है। हम बुरे हो गए। सॉरी मेरे दोस्त और अंत में एक लड़की का नाम लिखा है। इसके बाद उसने गोलियां खा लीं। अलर्ट मिलते ही पुलिस टीम की मदद से छात्र की लोकेशन ट्रेस की गई। पांच मिनट के अंदर उसके पास टीम पहुंच गई। आनन-फानन छात्र को बलरामपुर अस्पताल ले जाया गया। अस्पताल में इलाज के बाद हालत सामान्य बताई जा रही है। घटना की जानकारी छात्र के परिवारीजनों को दी गई है।

काउंसिलिंग में फूट-फूटकर रोया

पुलिस ने डॉक्टरों और विशेषज्ञों की मदद से छात्र की काउंसिलिंग कराई है। काउंसिलिंग के दौरान वह खुद की गलती का अहसास कर फूट फूटकर रोने लगा। विशेषज्ञों ने छात्र को ढांढस बंधाते हुए शांत कराया। एक्स्पर्ट्स ने छात्र को समझाया कि आत्महत्या अंतिम चारा नहीं है। जीने के और भी रास्ते हैं। इसके बाद छात्र ने आत्महत्या का ख्याल जेहन से निकाल दिया है।