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जाति-धर्म पर चुनाव जीतने वाले को रोकें : गुलाम नबी आजाद 

 कार्यकर्ताओं ने अपनी बात रखी तो बीच-बीच में नेताओं ने अपने विचार सुनाए। प्रदेश प्रभारी गुलाम नबी आजाद ने भी कार्यकताओं को जागने और दौड़ने की नसीहत देते हुए एक कहानी सुनाई। धावक मिल्खा सिंह को लेकर वह बोले कि एक बार एक पर्स चोर भागा तो मिल्खा सिंह उससे आगे भागे और उसे दबोच लिया। इसके बाद श्री आजाद ने कहा कि पर्स चोर बहुत हैं जो जाति-धर्म, पैसे और सरकार के बल पर इलेक्शन जीत रहे हैं। मगर आपको उनसे तेज भागना है और चोर को पीछे छोड़ना है।
एक-एक जिले में पांच बार जाऊंगा : बाराबंकी राजकीय इंटर कालेज आडीटोरियम कांग्रेस कार्यकार्ताओं से खचाखच भरा था। इसे देख मौजूद प्रदेश प्रभारी गुलाम नबी आजाद, प्रदेश अध्यक्ष राजबब्बर आदि नेताओं के चेहरे खिले हुए थे। कार्यकर्ताओं ने एक-एक करके बात रखी। इसके बीच में कांग्रेस के बड़े नेताओं को भी सम्बोधन के लिए बुलाया जाता रहा। इसी दौरान जब राजबब्बर ने प्रदेश प्रभारी को सम्बोधन के लिए बुलाया तो पण्डाल तालियों से गूंज उठा। 
श्री आजाद ने कहा कि आज कोई जनसभा नहीं है कि मैं लम्बा चौड़ा भाषण दूं। उन्होंने कहा कि सोए हुए कांग्रेस कार्यकर्ताओं को जगाना है, जागे हुए को चलाना है और चलने वाले को दौड़ाना है। इसी दौरान उन्होंने पहले पीटी ऊषा की तरह दौड़ने की बात कही और फिर अपने बचपन की बातों को बताते हुए धावक मिल्खा सिंह का उदाहरण देते हुए भाजपा पर तंज कसा। श्री आजाद ने कहा कि कार्यकर्ताओं को दिल, दिमाग और मेहनत से काम करना होगा तभी सफलता मिलेगी। इसलिए हम लोगों ने पहले घर को ठीक करने के लिए बूथ स्तर तक के गठन को प्राथमिकता पर रखा है। उन्होंने कहा कि पूरे प्रदेश के सभी जिलों में वह चुनाव तक पांच-पांच बार जाएंगे और कार्यकर्ताओं से मिलकर उनके द्वारा किए गए कार्यों को देखेंगे। 

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  • Web Title:Stop the person who wins election on caste religion: Ghulam Nabi Azad