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स्पोर्ट्स कॉलेज

हिन्दुस्तान टीम,लखनऊPublished By: Newswrap
Wed, 16 Jun 2021 09:30 PM
स्पोर्ट्स कॉलेज

स्पोर्ट्स कॉलेजों में दो कक्षाएं कई वर्षों तक रिक्त रहेंगी

पिछले साल प्रवेश नहीं हुए और इस बार भी स्थिति ऐसी ही

लखनऊ | मुख्य संवाददाता

राज्य के तीनों स्पोर्ट्स कॉलेजों में अगले कई वर्षों तक कक्षा छह और सात के बच्चे नहीं होंगे। कोरोना संक्रमण से बिगड़ी स्थितियों के कारण यह हालात पैदा हुए हैं। स्पोर्ट्स कॉलेजों में पिछले वर्ष कक्षा में किसी खिलाड़ी का प्रवेश नहीं हो पाया था। इस साल भी यही स्थिति है। यही नहीं स्पोर्ट्स कॉलेजों में दाखिल होकर राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चमकने का सपना देखने वाली राज्य की तमाम खेल प्रतिभाओं की उम्र भी ज्यादा हो गई है।

राज्य में गुरु गोविन्द सिंह स्पोट्र्स कॉलेज लखनऊ, वीर बहादुर सिंह स्पोट्र्स कॉलेज गोरखपुर और मेजर ध्यानचंद स्पोट्र्स कॉलेज सैफई हैं। तीनों में त्रिस्तरीय ट्रायल के बाद विभिन्न खेलों में कक्षा छह से खिलाड़ियों को प्रवेश दिया जाता है। प्रवेश के समय खिलाड़ियों की आयु 12 वर्ष से ज्यादा नहीं होनी चाहिए। पिछले साल शुरुआती ट्रॉयल हो गए थे। अंतिम ट्रॉयल के पूर्व कोरोना संक्रमण में हुए लॉकडाउन के कारण कॉलेज बंद कर दिए गए थे। ऐसे में पिछले साल खेलों का सत्र शून्य रहा। कोई प्रवेश नहीं हुआ।

इस बार भी स्थितियां पिछले साल की तरह हैं। इस साल भी अगर प्रवेश नहीं हुए तो जब भी स्पोर्ट्स कॉलेज खुलेंगे तो उसमें कक्षा छह और कक्षा सात की कक्षाएं नहीं होंगी। अगले पांच-छह वर्षों तक दो कक्षाएं रिक्त रहेंगी।

शासन कर रहा है गंभीरता से विचार

इस समस्या से निपटने के लिए शासन स्तर पर भी गंभीरता से विचार किया जा रहा है। सूत्रों के मुताबिक स्पोर्ट्स कॉलेज की नियमावली में परिवर्तन कर स्पोर्ट्स कॉलेज में रिक्त कक्षाओं में ट्रायल लेकर प्रवेश दिया जा सकता है। खिलाड़ियों की आयु में भी शिथिलता बरती जा सकती है। ट्रायल के मानक भी बदले जा सकते हैं।

स्पोट्र्स कॉलेज लखनऊ के प्रधानाचार्य एसएस मिश्रा ने बताया कि इस संबंध में शासन स्तर पर जो भी फैसला लिया जाएगा उसे लागू किया जाएगा। हम सभी शासन के दिशा निर्देशों का इंतजार कर रहे हैं।

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