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युवा दिवस पर विशेष : नये सवेरे के लिए क्षितिज पर उड़ान भरने को ये है तैयार 

कहा जाता है नया दौर युवाओं का है। अगर युवा किसी चीज को बदलने मे लग जाते है तो उसे बदलकर ही रहते है। युवाओं को दरकिनार कर हम विकास के पथ पर नही चल सकते।12 जनवरी को युवा दिवस मनाया जाता है जो स्वामी विवेकानंद की याद मे मनाया जाता है।
विवेकानंद युवाओं मे क्रांतिकारी परिवर्तन कर देश को प्रेम और सौहार्द के रास्ते पर ले जाना चाहते थे। उन्हीं के पथ पर चलते हुए गोंडा के कुछ युवा मन मे गोंडा को बदलने की हसरत लिए मुहिम चला रहे है। कोई विज्ञान जागरूकता बढ़ाने ,कोई जानवरों को बचाने मे,कोई शिक्षा की रोशनी फैलाने मे तो कोई बुक बैंक से निशुल्क किताबें उपलब्ध करा रहा है। परंतु सबका लक्ष्य एक, गोंडा को भारत मे नंबर एक पहुंचाना है।

शिक्षा है हर बच्चे का अधिकार:  कहते है कि, किसी काम को करने की या सीखने की कोई उम्र नहीं होती है।खासकर शिक्षा में तो उम्र का कोई लेना-देना है ही नहीं। आज बच्चे जिस तरह से पढ़-लिखकर आगे बढ़ रहे है। उससे देश का भविष्य साफ़ देखा जा सकता है. कई बच्चे ऐसे भी है, जो युवा उम्र में मौज-मस्ती करने के बजाए किसी गरीब के बच्चे की जिन्दगी संवारने में लगे है। गायत्रीपुरम गोंडा निवासी बीस वर्षीय यामिनी सिंह जो खुद स्नातक कर रही है, इसी सोच के साथ गरीब बच्चों को शिक्षा का अधिकार दिलाने में जुटे हुए हैं। ये  खुद भी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रही हैं, साथ ही इन बच्चों में भी शिक्षा की अलख जगा रहे हैं। ये एक साल ऐसे बच्चों को शिक्षा दे रही हैं, जिनके अभिभावक बच्चों को पढ़ाने में अक्षम हैं। यामिनी ने बताया कि गायत्रीपुरम मे एक खाली मैदान में ये स्कूल लगाती है। इस समय लगभग 60 बच्चों को पढ़ाया जा रहा है। साथ ही इन बच्चों की शिक्षा के लिए किताबों आदि का खर्चा भी खुद  उठाती हैं।

जानवरों को बचाने मे किया जीवन समर्पित: पच्चीस वर्षीय रूषी  दूबे ने अपना जीवन जानवरों का जीवन बचाने में लगा दिया हैं। उन्होंने इस सेवा को ही जिंदगी का मकसद बना लिया है। शहर में कहीं भी घायल जानवर पड़ा हो फोन करिए, रूषी तुरंत वहां हाजिर हो जाती  हैं। वे घायल जानवर का खुद इलाज करती है। रूषी ने बताया कि  बहुत पहले एक चुहिया अचानक जलेबी की चाशनी में गिर गई। संयोग से रूषी की  मां भी वहीं पर थीं।वह बोलीं- मर जाएगी ये, बचाओ इसे कैसे भी। रूषी ने चुहिया को चाशनी से निकाला और उसकी जान बचा ली। यहीं से रूषी के मन मे जानवरों को बचाने की ललक पैदा हुयी।दो साल पहले कार की टक्कर से एक कुत्ते को चोट लग गयी। रूषी ने उसका ऑपरेशन कराया। रूषी के घर मे तीन कुत्ते, चार बिल्लियां और तोता रहता है।

विद्या दान है महादान: साहबगंज के बृजेन्द्र मणि त्रिपाठी निशुल्क बुक बैंक संचालित कर रहे । बृजेन्द्र मणि त्रिपाठी द्वारा गरीब छात्र छात्राओं को निशुल्क पुस्तकें उपलब्ध करायी जाती है। श्री त्रिपाठी ने बताया  2018 मे 165 गरीब छात्र छात्राओं को बुक बैंक से निशुल्क पुस्तकें उपलब्ध करायी गई। जिससे वो अपनी पढ़ाई जारी रख सके।

तकनीकी ज्ञान समय की जरुरत: जब पढ़े लिखे युवा ऊंची तनख्वाह करने वाली नौकरी छोड़ कर समाज को दुरुस्त करने के लिए गांव, कस्बों व छोटे शहरों की ओर रुख करेंगे, तभी गांव की सूरत बदलेगी। तकनीकी आज के समय की जरुरत है तकनीकी ज्ञान के बिना जीवन संभव नही है। गरीब छात्र छात्राओं को निशुल्क कम्प्यूटर ज्ञान पटेल नगर निवासी शिवांग शेखर ने देना शुरू किया है। उनके द्वार अब तक सौ से ज्यादा गरीब छात्र छात्राओं को कम्प्यूटर ज्ञान दिया जा चुका है जिसके द्वारा वो छात्र-छात्राएं अपने जीवन को नयी बुलंदियों पर लेकर जा सकते है।

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  • Web Title:Special on Youth Day: It is ready to fly on the horizon for a new morning